हिंदी साहित्य के सूरज माने जाने वाले ब्रजभाषा के श्रेष्ठ कवि सूरदास की आज जयंती है. सूरदास ने वात्सल्य भाव से लेकर कृष्ण लीला तक पर कई सुंदर पद लिखे. ऐसा कहा जाता है कि 15वीं शताब्दी में सूरदास अपने भजनों से चरवाहों को लुभाते आज भी उनकी भक्ति के लबरेज रचनाओं से हिंदी साहित्य जगमगा रहा है. सूरदास ने अनेक ग्रंथों की रचना की. काशी नागरीप्रचारिणी सभा के खोज विवरण की रिपोर्ट के मुताबिक़, सूरदास के नाम से 25 ग्रंथों की सूची उपलब्ध है.