रोजे रखने का मतलब सिर्फ भूखा-प्यासा रहना नहीं- कई लोगों को लगता है कि सिर्फ भूखा प्यासा रहने से रोजा होता है. लेकिन ऐसा नहीं है. रोजे का मतलब सिर्फ खाने पीने की चीजों से दूरी बनाना नहीं है, बल्कि हर गलत काम से खुद को पाक रखना है. रोजा आंख, नाक, कान, मुंह सभी का होता है. इसका मतलब ये है कि रोजा रखने के बाद इंसान किसी की बुराई नहीं कर सकता है, किसी का दिल नहीं दुखा सकता, किसी को गलत नजरों से नहीं देख सकता है. इस तरह इंसान रमजान के महीने में हर तरह की बुराइयों से दूर रहता है.
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