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Vinayak Chaturthi 2022: अश्विन मास की विनायक चतुर्थी आज, जानें शुभ मुहूर्त, योग और पूजन विधि

आज अश्विन मास की विनायक चतुर्थी है साथ ही आप नवरात्रि का चौथा दिन भी है. हर महीने में दो चतुर्थी होती है जिन्हें भगवान श्री गणेश जी की तिथि माना जाता हैं. शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं. इस दिन भगवान गणेश की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है.

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विनायक चतुर्थी 2022
विनायक चतुर्थी 2022

हिंदू कैलेंडर के मुताबिक विनायक चतुर्थी का त्योहार महीने में दो बार आता है. अमावस्या के बाद आने वाली  शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी और पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है. आज यानी 29 सितंबर 2022 को अश्विन मास की विनायक चतुर्थी है. आज विनायक चतुर्थी के साथ ही  नवरात्रि का चौथा दिन भी है. नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है. विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की खास पूजा अर्चना की जाती है. भगवान गणेशष को विघ्नहर्ता कहा जाता है. ऐसे में इस दिन व्रत रखने और पूजा-अर्चना करने से भगवान गणेश का खास आशीर्वाद प्राप्त होता है.  तो आइए जानते हैं विनायक चतुर्थी का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि


विनायक चतुर्थी शुभ मुहूर्त (Vinayak Chaturthi 2022 Shubh Muhurat)

आश्विन, शुक्ल चतुर्थी
प्रारम्भ - सितम्बर 29, सुबह 01 बजकर 27 मिनट से 
समाप्त - सितम्बर 30, सुबह 12 बजकर 08 मिनट तक 

विनायक चतुर्थी शुभ योग (Vinayak Chaturthi 2022 Shubh Yog)

विनायक चतुर्थी पर इस बार ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 53 मिनट से सुबह 05 बजकर 41 मिनट तक रहेगा. अभिजीत मुहूर्त शाम 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा. सर्वार्थ सिद्धि योग सितम्बर 30,  सुबह 05 बजकर 13 मिनट से  सितम्बर 30, सुबह 06 बजकर 29 मिनट तक रहेगा. रवि योग सितम्बर 30, सुबह 06 बजकर 29 मिनट से सुबह 05 बजकर 13 मिनट तक रहेगा. 

गणेश चतुर्थी की पूजन विधि (Vinayak Chaturthi Pujan  Vidhi)

इस दिन सुबह के समय ब्रह्म मुहूर्त में जल्दी उठकर स्नान आदि करें. इसके बाद लाल रंग के वस्त्र धारण करें और सूर्य भगवान को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें. भगवान गणेश के मंदिर में एक जटा वाला नारियल और मोदक प्रसाद के रूप में लेकर जाएं. उन्हें गुलाब के फूल और दूर्वा अर्पण करें तथा ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का 27 बार जाप करें और धूप दीप अर्पण करें.  दोपहर के वक्त गणेश पूजन के समय घर में अपनी सामर्थ्य के अनुसार पीतल, तांबा, मिट्टी अथवा सोने या चांदी से निर्मित गणेश प्रतिमा स्थापित करें. संकल्प के बाद पूजन कर श्री गणेश की आरती करें और मोदक बच्चों के बाट दें. ऐसा करने से भगवान गणपति की कृपा सदैव आप पर बनी रहेगी. 

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विनायक चतुर्थी का महत्व (Vinayak Chaturthi Importance)

भगवान गणेश को सभी देवताओं में सर्वप्रथम पूजनीय माना गया है. कोई भी मंत्र, जाप, अनुष्ठान गणेश पूजा के बिना सफल नहीं होता है.शास्त्रों में विनायक चतुर्थी की महिमा का बहुत बड़ा महत्व बताया गया है. इस दिन गणपति की आराधना करने से व्यक्ति को धन-लाभ, सुख-समृद्धि और वैभव की प्राप्ति होती है. आज के दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा करने से सभी दुख समाप्त हो जाते हैं.

 

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