शनि देव 27 जुलाई 2026 को मीन राशि में वक्री होने वाले हैं. यानी इस दिन से शनि सीधी चाल छोड़कर उल्टी चाल चलने लगेंगे. शनि की वक्री अवस्था 11 दिसंबर 2026 तक बनी रहेगी. कुल मिलाकर शनि लगभग 138 दिनों तक वक्री रहेंगे. खास बात यह है कि इसी अवधि में 8 नवंबर को दिवाली का पर्व भी आएगा. ऐसे में ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि शनि की यह उल्टी चाल तीन राशियों के लिए दिवाली तक सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकती है.
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए शनि बारहवें भाव में वक्री होंगे. शनि की यह स्थिति करियर से जुड़ी पुरानी उलझनों को सुलझाने में सहायक साबित होगी. नौकरी-व्यापार दोनों ही क्षेत्रों में हालात आपके पक्ष में होंगे. यदि आपका पैसा कहीं फंसा है या आप कर्ज की वजह से परेशान हैं, तो ये चिंता भी दूर होगी. साथी ही, खर्चों पर नियंत्रण बनेगा और फिजूलखर्ची में कमी आएगी. नौकरीपेशा लोगों के लिए वेतन वृद्धि या आर्थिक लाभ के संकेत हैं. हालांकि इस दौरान जल्द पैसा कमाने के लालच या गलत तरीकों से दूरी बनाए रखना जरूरी होगा.
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए शनि नवम भाव में वक्री होंगे, जिसे भाग्य और धर्म का भाव माना जाता है. शनि की यह चाल व्यापारियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल सकती है. जो लोग नया बिजनेस या स्टार्टअप शुरू करने की सोच रहे हैं, उनके लिए यह समय अनुकूल रहेगी. पारिवारिक व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा. नौकरी में रहते हुए व्यापार की ओर कदम बढ़ाने का मन बनेगा और परिस्थितियां साथ भी देंगी. तनाव-चिंता से मुक्त रहेंगे. घर में सदस्यों का स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा.
मकर राशि
मकर राशि के लिए शनि तीसरे भाव में वक्री होंगे. यह समय नौकरीपेशा जातकों के लिए काफी अनुकूल दिखाई दे रहा है. नई नौकरी का प्रस्ताव मिल सकता है. किसी बड़ी कंपनी के साथ काम करने का सपना पूरा हो सकता है. आर्थिक स्थिति में स्पष्ट सुधार देखने को मिलेगा, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा. घर, फ्लैट, जमीन या किसी अन्य प्रॉपर्टी में निवेश या खरीदारी के योग बन रहे हैं. इस दौरान कोई शुभ समाचार भी मिल सकता है, जो मनोबल को मजबूत करेगा.