Shani Rashifal 2026: साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है और जिसकी शुरुआत के साथ ही कई बड़े ग्रहों ने गोचर किए और शुभ योगों का निर्माण किया. इन्हीं में सबसे हैं शनिदेव. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, साल 2026 में शनिदेव की खास कृपा तुला राशि वालों पर रहने वाली है. तुला राशि के जातकों के लिए शनि ग्रह योगकारक माने जाते हैं. शनि तुला राशि में उच्च के होते हैं और इस स्थिति में वे आपके केंद्र और त्रिकोण भाव यानी चतुर्थ और पंचम भाव के स्वामी बनते हैं. इसी कारण शनि का प्रभाव आपके लिए विशेष महत्व रखता है.
साल 2026 में हासिल होगी पद प्रतिष्ठा
वर्ष 2026 में शनि का गोचर आपके छठे भाव में रहेगा, जो कई मामलों में सफलता देने वाला सिद्ध हो सकता है. शनि के शुभ प्रभाव से नौकरी में तरक्की के योग बनेंगे, मान-सम्मान बढ़ेगा और पद प्राप्ति की संभावना रहेगी. आपके प्रयास रंग लाएंगे और कार्यक्षेत्र में आपकी पकड़ मजबूत होगी. विरोधियों पर आप भारी पड़ेंगे, लेकिन सोच-समझकर लिए गए फैसले ही आपके पक्ष में परिणाम देंगे.
लंबी अवधि की योजनाओं से लाभ मिलेगा, हालांकि बचत बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी. संघर्ष के बाद सफलता मिलने की पूरी संभावना है. कानूनी मामलों में राहत मिल सकती है और जो लोग कानून की पढ़ाई कर रहे हैं, उन्हें भी अच्छे परिणाम मिलेंगे. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को शनि का सहयोग प्राप्त होगा.
आर्थिक स्थिति होगी मजबूत
2026 में आप विपरीत परिस्थितियों से निकलने में सफल रहेंगे और अपने लिए एक बेहतर रास्ता बना पाएंगे. इस वर्ष आपका एक बड़ा लक्ष्य कर्ज चुकाना हो सकता है, जिसके लिए आप लगातार प्रयास करेंगे. खर्चों में कमी आएगी और आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे मजबूत होगी. संपत्ति के मामलों में भी शनि आपके लिए शुभ संकेत दे रहे हैं. यदि प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई कानूनी विवाद चल रहा है, तो उसका फैसला आपके पक्ष में आ सकता है. संपत्ति खरीदने या बेचने में आ रही रुकावटें भी दूर हो सकती हैं.
रिश्तों पर पड़ेगा नकारात्मक प्रभाव
हालांकि, शनि के प्रभाव के कारण भाई-बहनों के साथ रिश्तों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. साथ ही मां और संतान की सेहत को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत रहेगी. छठे भाव में शनि का गोचर सामान्य रूप से सेहत के लिए ठीक माना जाता है, लेकिन जिन लोगों को मस्तिष्क या पेट से जुड़ी समस्याएं हैं, उन्हें सतर्क रहना चाहिए. अविवाहित जातकों के लिए रिश्तों में कुछ गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं. परिवार में कोई बड़ी परेशानी नहीं आएगी, लेकिन छोटी-मोटी समस्याएं बनी रह सकती हैं.
तुला राशि वाले करें ये खास उपाय
उपाय के तौर पर दशरथ शनि स्तोत्र का पाठ करना लाभकारी रहेगा. इसके साथ ही जहां तक संभव हो, हनुमान चालीसा और हनुमान बाहुक का नियमित पाठ करें. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, चतुर्थ भाव (माता और सुख का भाव) के स्वामी शनि का छठे भाव में जाना मां की सेहत पर असर डाल सकता है, जैसे नसों या सर्वाइकल से जुड़ी समस्याएं. ऐसे में हनुमान बाहुक का रोज पाठ करने से माता के स्वास्थ्य में लाभ मिल सकता है. वाहन और मकान से जुड़े मामलों में कोई बड़ी परेशानी नहीं दिखती. घर की खरीद-बिक्री से जुड़े काम भी सुचारु रूप से पूरे हो सकते हैं. बेहतर परिणाम के लिए हनुमान बाहुक का 100 दिनों तक पाठ करने की सलाह दी जाती है.