प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा और आश्रम में भक्तों के साथ आमने-सामने बैठकर होने वाली बातचीत अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है. इस बीच प्रेमानंद महाराज की एक पुरानी डायरी का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. दरअसल, कुछ दिन पहले प्रेमानंद महाराज के दरबार में उनसे मिलने कुछ साधु-संत आए थे. इस दौरान उन्होंने प्रेमानंद महाराज के शुरुआती दिनों के बारे में पूछा था. इस बीच किसी लाल जी महाराज का जिक्र भी उन्होंने किया. तभी प्रेमानंद महाराज ने संतों की उस टोली को अपनी एक सीक्रेट डायरी दिखाई.
प्रेमानंद महाराज ने एक पुराना किस्सा बताते हुए कहा, 'उस समय हमारी बिल्कुल नई अवस्था थी. शायद 18 या 20 साल की उम्र रही होगी. तब गंगाजी की धरती पर मेरा उनसे (लालजी महाराज) परिचय हुआ था.' इतना कहकर प्रेमानंद महाराज ने अपने शिष्यों से एक छोटी डायरी ऊपर से लाने को कहा. प्रेमानंद महाराज ने बताया कि ये वही डायरी है जिसमें लालजी महाराज ने खुद अपने विचार लिखे थे. आइए जानते हैं कि इस डायरी में क्या-क्या लिखा था.
प्रेमानंद महाराज ने वो डायरी संतों को दिखाते हुए कहा कि ये हमारी संन्यास की डायरी है. इसमें लालजी महाराज के हाथों से लिखे वचन हैं. डायरी के पहले पन्ने पर लिखा था, 'जैसे सोचोगे वैसे हो जाओगे. इसलिए जैसा होना है वैसो सोचो. शून्य जीवन ही परमात्मा के साम्राज्य में प्रवेश करता है. सरल एवं सहज जीवन में ही श्रद्धा का जन्म होता है और पावन देवी संपदा भी.'
इसके बाद प्रेमानंद महाराज ने कुछ और पृष्ठ संतों को दिखाते हुए कहा कि ये सब उन्होंने ही लिखकर दिया था. उन्होंने बताया कि यह डायरी भी उन्हीं की दी हुई है. डायरी में ऊपर की तरफ लिखी तारीख से पता चला कि वो साल 2000 की डायरी है.
क्यों बंद हुई प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा?
प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा केली कुंज स्थित आश्रम से लेकर सौभरी कुंड तक होती है, जिसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है. साथ ही, संत प्रेमानंद महाराज के दरबार में होने वाली वार्ता को भी कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया है. आश्रम ने माइक पर भक्तों को इसकी जानकारी भी दी है. हालांकि पदयात्रा और वार्ता को बंद करने के पीछे का कारण नहीं बताया गया है. हालांकि प्रेमानंद महाराज कई बार ये बात बता चुके हैं कि उनकी किडनी 20 साल के खराब हैं और वो डायलिसिस पर चल रहे हैं. इसलिए उनके भक्त पदयात्रा के रद्द होने की वजह से काफी चिंतित हैं.