Makar Sankranti 2026: आज मकर संक्रांति है. मकर संक्रांति से उत्तरायण काल की शुरुआत हो जाती है. इस दिन से सूर्य उत्तर दिशा की ओर संचरण करने लगते हैं. शास्त्रों में उत्तरायण को सकारात्मक ऊर्जा, देव कृपा और सुख-समृद्धि का समय कहा गया है. यही कारण है कि मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आध्यात्मिक साधना और पुण्य अर्जन का विशेष अवसर भी है. इस दिन सुबह स्नानादि के बाद दान-दक्षिणा करने का विधान तो सब जानते हैं. लेकिन क्या आपको मालूम है कि मकर संक्रांति पर संध्याकाल या रात्रिकाल में किए गए कुछ दिव्य उपाय से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त की जा सकती है.
1. चंद्र देव को अर्घ्य
ज्योतिषविदों के अनुसार, मकर संक्रांति पर सुबह सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद रात में चंद्र देव को दूध से अर्घ्य अर्पित करना भी शुभ माना जाता है. फिर चंद्र देव से हाथ जोड़कर सुखी जीवन की कामना करें. इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी और सुखों में वृद्धि होगी.
2. गुड़ तिल का प्रसाद
मकर संक्रांति की संध्या पर गुड़ और तिल से बने प्रसाद का विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन संध्या काल में गुड़-तिल के प्रसाद का श्री हरि भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को भोग लगाएं. फिर उस प्रसाद को दूसरे लोगों में भी बांटें. इससे घर में सुख-समद्धि के साथ साथ आपसी रिश्तो में भी मिठास बढ़ेगी.
3. पीली कौड़ी
मकर संक्रांति की शाम मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें. उनके कमल चरणों में पांच पीली कौड़ी अर्पित करें. इस दौरान मां लक्ष्मी से धनधान्य और सुख-समृद्धि की कामना करें. पूजा के बाद रात के समय इन कौड़ियों को लाल रंग के कपड़े में लपेटकर धन के स्थान या तिजोरी में संभालकर रख दें. इससे आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा. मां लक्ष्मी का घर में वास रहेगा. और पूरे साल घर में पैसों की कमी नहीं होगी.
4. तुलसी पूजन
मकर संक्रांति की शुभ वेला पर संध्या काल में तुलसी पूजन जरूर करें. शास्त्रों में तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप बताया गया है. इस दिन शाम के समय तुलसी के समक्ष एक घी का दीपक जलाएं. मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करते हुए तुलसी की तीन बार परिक्रमा करें. इसके बाद वहीं बैठकर तुलसी मैय्या से धनधान्य और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें.