Makar Sankranti 2026: 15 जनवरी यानी कल मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाएगा. इस दिन सूर्य उत्तरायण के हो जाते हैं. उत्तरायण को देवताओं का काल कहा गया है. इसलिए मकर संक्रांति पर दान-स्नान और जाप करने से बड़ा पुण्य मिलता है. इस दिन लोग आस्था की डुबकी लगाने पवित्र नदियों और सरोवरों पर पहुंचते हैं. स्नान के बाद सामर्थ्य के अनुसार दान-दक्षिणा भी करते हैं. ज्योतिषविदों का कहना है कि मकर संक्रांति के पवित्र दिन लोगों को कुछ खास गलतियां भूलकर भी नहीं करनी चाहिए.
1. दक्षिण दिशा में यात्रा
मकर संक्रांति पर सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं. यानी इस दौरान सूर्य उत्तर दिशा की ओर संचरण करते हैं. इसलिए इन दिनों में दक्षिण दिशा की यात्रा को शुभ नहीं माना जाता. इस दिशा में कई गए बड़े कार्य और सौदों में अक्सर नुकसान होने की संभावना अधिक होती है.
2. काले तिल
मकर संक्रांति पर गुड़, ऊनी वस्त्र, घी आदि दान करने का चलन है. इस दिन तिल के दान का महत्व सबसे अधिक बताया गया है. हालांकि दान में सिर्फ सफेद तिल ही देने चाहिए. काले तिल का दान इस दिन वर्जित माना गया है. काले तिल शनि से जुड़े होते हैं, जबकि इस पर्व पर सूर्य का प्रभाव प्रमुख रहता है.
3. तामसिक भोजन
मकर संक्रांति पर मांस-मछली, शराब और लहसुन-प्याज जैसे तामसिक भोजन से परहेज करने की सलाह दी जाती है. इस दिन सात्विक जीवनशैली अपनाने की सलाह दी जाती है. आपकी ये एक गलती सूर्य के सकारात्मक प्रभाव को कम कर सकती है.
4. क्रोध और असत्य से रहें दूर
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर व्यवहार में संयम रखना भी बेहद जरूरी माना गया है. इस दिन झूठ, क्रोध और कटु वाणी से बचें. किसी के साथ दुर्व्यवहार न करें. किसी को अपशब्द न कहें. मन में छल-कपट या किसी के प्रति द्वेष न रखें. शांत और सकारात्मक सोच से सूर्य की कृपा बनी रहती है.
5. ये चीजें न करें दान
मकर संक्रांति पर दान का विशेष महत्व बताया गया है. हालांकि इस दिन कुछ चीजों का दान वर्जित माना गया है. इस दिन काले रंग के वस्त्र या काले तिलों का दान न करें. पुराने वस्त्र या इस्तेमाल की हुई सामग्री भी किसी को दान में नहीं देनी चाहिए.