Quotes Of The Day by Gautam Budhha: बदतमीजी का जवाब कभी मत दीजिए. जब लोग आपके साथ रूखा व्यवहार करते हैं, तो वे यह दिखाते हैं कि वे खुद क्या हैं, न कि यह कि आप कौन हैं. इसे कभी दिल से मत लगाइए. बस शांत रहिए- गौतम बुद्ध
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और सोशल मीडिया के इस दौर में हमारा सामना अक्सर ऐसे लोगों से होता है जो बात-बात पर चिढ़ जाते हैं, कड़वा बोलते हैं या सीधे बदतमीजी पर उतर आते हैं. ऐसे में हमारा पहला रिएक्शन पलटकर जवाब देना होता है, लेकिन गौतम बुद्ध का मानना है कि किसी की बदतमीजी का सबसे बेहतरीन और सबसे तीखा जवाब मौन यानी आपकी चुप्पी है.
जब कोई आपके प्रति रूखा व्यवहार करता है, तो वह असल में अपनी आंतरिक स्थिति को बयां कर रहा होता है. उसका गुस्सा, उसका अहंकार या उसकी कड़वाहट इस बात का सबूत है कि वह खुद अंदर से कितना परेशान, असुरक्षित या नकारात्मक है. इससे आपकी वैल्यू (कीमत) कम नहीं होती. वह जो कुछ भी कह रहा है, वह उसका अपना सच है, आपका नहीं.
इसे दिल पर क्यों नहीं लेना चाहिए?
सड़क पर चलते हुए यदि कोई कचरा फेंक रहा है, तो आप उस कचरे को अपने हाथ में नहीं उठाते. ठीक उसी तरह, यदि कोई अपनी जुबान से कड़वाहट और बदतमीजी का कचरा निकाल रहा है, तो उसे अपने दिल-दिमाग में जगह क्यों देना? जब आप किसी की बदतमीजी को दिल से लगा लेते हैं, तो आप अनजाने में उसे अपने ऊपर हावी होने का मौका दे देते हैं. आपकी मानसिक शांति छीनने का हक किसी के पास नहीं होना चाहिए.
चुप्पी कमजोरी नहीं, सबसे बड़ी ताकत है
चुप रहने का मतलब यह कतई नहीं है कि आप डर गए हैं. बल्कि मौन यह दिखाता है कि आप अपने जज्बातों के मालिक खुद हैं. जब आप सामने वाले की बदतमीजी के जवाब में बिल्कुल शांत खड़े रहते हैं, तो उसका गुस्सा खुद-ब-खुद खोखला साबित होने लगता है. आपकी चुप्पी सामने वाले को उसका असली चेहरा देखने पर मजबूर कर देती है.
इसलिए, जब भी कोई आपके साथ बुरा व्यवहार करे, एक गहरी सांस लें, यह याद रखें कि यह उनकी समस्या है आपकी नहीं, और चुप रहकर वहां से आगे बढ़ जाएं. आपकी गरिमा और आपकी शांति ही आपकी सबसे बड़ी जीत है.