Falgun Maas 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार हिंदू वर्ष का अंतिम महीना फाल्गुन बेहद विशेष माना जाता है. साल 2026 में फाल्गुन माह की शुरुआत 2 फरवरी, सोमवार से हो रही है. यह महीना ऋतु परिवर्तन का संकेत देता है और आध्यात्मिक रूप से आत्मशुद्धि का समय माना जाता है. फाल्गुन मास भगवान शिव और भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित होता है. इसी महीने होली और महाशिवरात्रि जैसे प्रमुख पर्व आते हैं, जो भक्ति, आनंद और आत्मिक जागरण का संदेश देते हैं.शास्त्रों के अनुसार फाल्गुन मास में जप, तप, संयम और दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. हालांकि, इस पवित्र महीने में कुछ कार्यों को करने से बचना भी उतना ही आवश्यक माना गया है.
फाल्गुन माह में भूलकर भी न करें ये काम
1. होलाष्टक में मांगलिक कार्य
फाल्गुन माह में होली से पहले होलाष्टक लगते हैं, जिन्हें शुभ कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है. इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण और अन्य मांगलिक संस्कार नहीं करने चाहिए. शास्त्रों के अनुसार होलाष्टक काल में किए गए शुभ कार्यों में बाधा आने की संभावना रहती है.
2. तामसिक भोजन का सेवन
फाल्गुन माह में मांस, मदिरा, अंडा, प्याज और लहसुन जैसे तामसिक आहार से दूरी बनाना चाहिए. यह महीना शरीर और मन दोनों की शुद्धि का होता है. तामसिक भोजन मानसिक अशांति और नकारात्मकता को बढ़ा सकता है.
3. क्रोध और अहंकार
इस पवित्र महीने में क्रोध, ईर्ष्या और अहंकार से बचना बेहद जरूरी है. अत्यधिक गुस्सा और घमंड साधना में बाधा बनते हैं . संयम और विनम्रता से किया गया आचरण फाल्गुन माह का वास्तविक फल देता है.
फाल्गुन माह में जरूर करें ये शुभ कार्य
1. दान और सेवा- फाल्गुन माह में अन्न, वस्त्र, धन और जरूरतमंदों को सहायता देना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. दान से ग्रह दोषों में कमी आती है .
2. भगवान शिव और श्रीकृष्ण की पूजा- इस महीने नियमित रूप से भगवान शिव का अभिषेक और श्रीकृष्ण की आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.महामृत्युंजय मंत्र और कृष्ण मंत्रों का जप विशेष फल देता है.
3. सात्विक दिनचर्या अपनाएं- नियमित स्नान, स्वच्छता, सरल जीवनशैली और ध्यान-साधना फाल्गुन माह के श्रेष्ठ उपाय माने जाते हैं. इससे मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.