scorecardresearch
 

Dhan Yog in Kundli: कुंडली के ये योग बनाते हैं इंसान को अमीर-गरीब, जानें कितने भाग्यशाली हैं आप

व्यक्ति के जीवन में राशि और योग का विशेष महत्व माना जाता है. जातक की कुंडली का प्रथम, चतुर्थ, सप्तम एवं दशम भाव केंद्र भाव होता है. ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, अगर केंद्र में उच्च में पाप ग्रह हो तो व्यक्ति बहुत धनवान होने पर भी गरीब हो सकता है. अगर कुंडली के केंद्र में कोई ग्रह न हो तो ऐसी कुंडली को शुभ नहीं माना जाता है. कहते हैं कि ऐसा व्यक्ति हमेशा कर्ज में डूबा रहता है. आइये जानते हैं सभी राशियों के जन्म लग्नों में शुक्र ग्रह से बनने वाले धन योग के बारे में...

X
कुंडली के ये योग बताते हैं पैसे वाले बनेंगे या नहीं ? कुंडली के ये योग बताते हैं पैसे वाले बनेंगे या नहीं ?
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जन्म लग्नों में शुक्र ग्रह से बनते हैं खास धन योग
  • कौन सा व्यापार या काम करने से होगा लाभ

Dhan Yog in Kundli: दुनिया का हर इंसान पैसे वाला बनना चाहता है. इसके लिए वह दिन रात मेहनत भी करता है. हालांकि हर इंसान को परिणाम एक जैसे नहीं मिलते हैं. कुछ लोग बहुत महेनत करने के बाद भी निर्धन रहते हैं और कुछ लोग थोड़ा सा श्रम करने पर भी खूब पैसा कमाते हैं और उनके पास धन की कोई कमी नहीं रहती है. ज्योतिष शास्त्र में जन्म कुंडली में मौजूद कुछ ऐसे योगों के बारे में बताया गया है, जिससे यह तय होता है कि व्यक्ति धनवान बनेगा या नहीं. या फिर कौन सा व्यापार उनके लिए शुभ है, जिसमें मेहनत कर वे बहुत सारा धन कमा सकते हैं. आइए ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र से जानते हैं कुंडली में मौजूद इन योगों के बारे में...

मेष (Aries): मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र ग्रह लग्न में होने पर धनी व्यवसायी आदि का योग बनता है. धन भाव में मंगल शनि का योग भूमि तथा कृषि कर्म से धनी बनाता है.

वृषभ (Taurus):  शुक्र ग्रह बुध और गुरु के धन भाव में होने पर वक्ता, व्यापार ग्रंथकार के धंधे से प्रचुर द्रव्य की प्राप्ति कराता है. यानि इन कार्यो से इस राशि के जातक जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं.

मिथुन (Gemini): चन्द्र और गुरु धन भाव में वक्री मंगल के साथ होने पर धनवान बनने के योग बनते हैं. ऐसे जातक फैक्ट्री, उच्च प्रशासन अधिकारी तथा विशिष्ट धार्मिक संस्था के अधिकारी रूप में कार्य करते हुए धन लाभ प्राप्त कर सकते हैं.

कर्क (Cancer):  शुक्र धन भाव में सूर्य और गुरु स्थित होने पर यश मान प्रतिष्ठा के साथ जातक के पास धन संपत्ति की कोई कमी नहीं होती है. इस राशि के जातक पानी व कांच से जुड़े व्यवसाय में अपार सफलता अर्जित कर सकते हैं.

सिंह (Leo):  शुक्र और धन भाव में बुध एवं गुरु होने पर विद्वान और उच्च स्तरीय व्यवसायी होता है. इस राशि के जातक रूई, कागज और स्टेशनरी के व्यापार में सफल रहते हैं. 

कन्या (Virgo):  शुक्र और धन भाव में चन्द्र और बुध की युति से महाधनी योग बनाता है. इस राशि के जातक अध्यापन, कंम्यूटर आदि के व्यवसाय से बड़ा धनलाभ कमा सकते हैं. 

तुला (Libra):  शुक्र और सूर्य तथा बली मंगल स्थित होने पर अग्नि संबंधी कार्य जैसे होटल, रेस्टोरेंट एवं मशीनरी कार्य से विशेष धनी योग बनता है. 

वृश्चिक (Scorpio): शुक्र और धन भाव में गुरू होने से विशेष धनी योग होता है. इस राशि के जातकों के लिए निर्माण क्षेत्र से जुड़े कार्य शुभ माने जाते हैं.

धनु (Sagittarius): शुक्र और धन भाव में शनि और मंगल का योग उच्चकोटि का जमीदार एवं मशीनरी धंधे का विशिष्ट कार्य अथवा कृषि कार्य का स्वामी होता है. 

मकर (Capricorn): मकर लग्न में शुक्र और धन भाव में शनि मंगल का योग भी कृषि फार्म व जायदाद अथवा फैक्ट्री आदि मशीनरी कार्य से विशेष लाभ होता है. 

कुंभ (Aquarius): कुंभ लग्न में शुक्र और धन भाव में गुरु से महाधनी योग बनता है. इस राशि के जातकों के लिए मैकेनिक, बीमा और ठेकेदारी आदि क्षेत्र में सफलता मिलने की उम्मीद रहती है. 

मीन (Pisces): मीन लग्न में शुक्र और धन भाव में सूर्य और मंगल की स्थिति से अग्नि सम्बन्धी कार्य या मशीनरी के धंधे से बड़ा लाभ होता है. इसमें मंगल अस्तगत नहीं होना चाहिए. 

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें