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Chandra Grahan 2021: कई सदियों में लगा महा चंद्र ग्रहण मचाएगा भारी उथल-पुथल? ज्योतिषी ने की ये भविष्यवाणी

Chandra Grahan (Lunar Eclipse) 2021: सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण आज शुरू हो चुका है. यह 2021 का आखिरी चंद्र ग्रहण है, जो पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में देखने को मिलेगा. ज्योतिष की मानें तो भले ही भारत के ये कुछ हिस्सों में दिखाई देगा, लेकिन इस चंद्र ग्रहण का असर आगामी समय में देखने को मिलेगा.

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 चंद्र ग्रहण चंद्र ग्रहण
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सरकार के लिए खड़ी हो सकती हैं समस्याएं
  • शीत लहर और भारी वर्षा के भी हैं संकेत

Chandra Grahan (Lunar Eclipse) 2021 November predictions:  साल 2021 का अंतिम चंद्र ग्रहण राजनीतिक उथल-पुथल मचाएगा. ये करीब 6 सदियों का सबसे लंबी अवधि का आंशिक चंद्र ग्रहण है. यह आंशिक चंद्र ग्रहण पश्चिम अफ्रीका, पश्चिम यूरोप, उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और एशिया के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा. भारत में ये अरुणाचल प्रदेश और असम में कुछ समय के लिए ही दिखाई देगा. ज्योतिष के अनुसार इस चंद्र ग्रहण के बाद उत्तर भारत में शीत लहर तथा दक्षिण भारत में भारी वर्षा से जन-जीवन प्रभावित हो सकता है. ग्रहण की कुंडली में मंगल और बुध का अष्टम भाव में होना तथा उस पर एकादश भाव से शनि की दृष्टि पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल और असम में चीन की सीमा पर तनाव बढ़ने के संकेत दे रहे हैं. 

चंद्रमा के साथ आया राहु 
ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र ने बताया कि चंद्र ग्रहण वृष राशि में लग रहा है, जो कि राहु के साथ है. इसे केतु और सूर्य देख रहे हैं. इस वजह से ये चंद्र ग्रहण बेहद अशुभ संकेत दे रहा है. उन्होंने बताया कि आज सुबह 8 बजकर 13 मिनट पर चंद्रमा राहु के साथ आ गया, जिस पर केतु और सूर्य की नजर है. इसके साथ ही गुरु की पंचम दृष्टि भी चंद्रमा पर है. ऐसे में भारत की बात की जाए, तो भारत की लग्न वृष है. भारत की लग्न में राहु पहले  से ही बैठा हुआ है. केतु सप्तम घर में ​बैठा हुआ है. ये योग गोचर में बन रहा है. गोचर में भी राहु 20 सितंबर 2020 से चल रहा है. 

सरकार के लिए मुश्किलें 
ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र ने बताया कि ऐसी स्थिति में सरकार के लिए समस्याएं बढ़ सकती हैं. विभिन्न प्रकार के आंदोलन सरकार के विरोध में खड़े हो सकते हैं. महंगाई को लेकर विपक्ष हमलावर रहेगा. पड़ोसी देशों से भी भारत को तनाव मिलने के संकेत हैं. साफ शब्दों में कहें तो टकराव की स्थित पैदा हो सकती है. इस योग की वजह से आपदा आ सकती है, या फिर बड़ी जनहानि और धनहानि हो सकती है. इसके बाद 4 दिसंबर 2021 को मंगल भी वृश्चिक में आ जाएंगे. इसके बाद स्थितियां और भी गंभीर हो सकती हैं. 

 

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