Chanakya Niti: मृत्यु जीवन का वो कड़वा सत्य है, जिसका सामना एक न एक दिन सबको करना है. शरीर से आत्मा के मुक्त होते ही सगे-संबंधियों का हमारी देह के प्रति मोह खत्म हो जाता है. वो देह का अंतिम संस्कार करके लौट जाते हैं. लेकिन मृत्यु के बाद तीन ऐसी खास चीजें होती हैं, जो आत्मा के साथ परलोक जाती हैं. भारत के सबसे महान विद्वान कहे जाने वाले चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में इन चीजों का जिक्र किया है. आइए जानते हैं उन चीजों के बारे में जो मृत्यु के बाद हमारे साथ परलोक जाती हैं.
अच्छे कर्म
चाणक्य नीति के अनुसार, मनुष्य अपने पूरे जीवन में जो भी धर्म-अधर्म के कार्य करता है. उसी के अनुसार जीवन में सुख-दुख और पुण्य कर्म पाता है. यह पुण्य ही तय करते हैं कि मरने के बाद कोई व्यक्ति नर्क जाएगा या स्वर्ग. इसलिए ऐसा कहा जाता है कि इंसान के पुण्य उसके साथ परलोक जाते हैं. तभी तो कहते हैं कि जन्म से मृत्यु तक हमेशा अच्छे कर्म करने चाहिए और किसी को हानि नहीं पहुंचानी चाहिए.
मान-सम्मान
अच्छे कर्म करने वाले मेहनती और व्यवहारिक व्यक्ति को समाज में खूब आदर-सम्मान मिलता है. ऐसे लोगों को मृत्यु के बाद भी दुनिया उनके अच्छे गुणों के लिए याद रखती है. इसके विपरीत, बुरे कर्म करने वाला व्यक्ति न सिर्फ जीवन भर सम्मान से वंचित रहता है. बल्कि मरने के बाद भी लोग उसके प्रति हीन भावना ही मन में रखते हैं. ऐसे लोगों को मरने के बाद भी कभी सम्मान नहीं मिलता है.
अधूरी इच्छाएं
ऐसा कहते हैं कि मन में अधूरी रह गई इच्छाएं भी मरने के बाद दिवंगत की आत्मा के साथ चली जाती हैं. फिर चाहे वो धन, संपत्ति या किसी भी प्रकार इच्छा क्यों न हों. तभी तो लोग किसी व्यक्ति का आकस्मिक निधन हो जाने के बाद उसकी अधूरी इच्छाओं के बदले विशेष पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान करवाते हैं. ताकि उनकी आत्मा को शांति मिल सके.