गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) पर विघ्न विनाशक गणेश जी का पूजन करने से मन की हर इच्छा पूरी होती है. रिद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ का वास होता है. भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को शुरू होने वाले इस महापर्व में यदि शुभ मुहूर्त में गणेश भगवान की मूर्ति की स्थापना की जाए, तो अत्यंत लाभकारी होता है. आइये जानते हैं गणेश स्थापना का शुभ समय और पूजा विधि.
शुभ मुहूर्त (Ganesh Chaturthi 2021 shubh muhurat)
गणेश चतुर्थी के दिन पूजन का शुभ मुहूर्त 12 बजकर 18 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त से शुरू होगा और रात 9 बजकर 57 मिनट तक पूजन का शुभ समय रहेगा. खास बात ये है कि इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर भद्रा का साया नहीं रहेगा.
पूजन विधि (Ganesh Chaturthi 2021 pujan vidhi)
ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र ने बताया कि गणेश चतुर्थी वाले दिन सुबह उठकर स्नानादि से निवृत्ति होकर सोना, तांबा, चांदी, मिट्टी या गोबर से गणेश जी की मूर्ति बनाकर पूजा करें. पूजन के समय 21 मोदकों का भोग लगाएं. गणेश जी को हरी दुर्वा के 21 अंकुर लेकर दो-दो करके गणेश जी के 10 नामों का जाप करते हुए पूजन करें.
गणेश चतुर्थी पर भोग (Ganesh Chaturthi Bhog)
गणेश जी को मोदक बेहद पसंद हैं. इसलिए गणेश जी के जन्मोत्सव पर उनके सबसे प्रिय मोदक का भोग लगते हैं. वहीं गणेश जी को मोतीचूर के लड्डू भी बहुत प्रिय हैं. इसके अलावा गणेश जी को बेसन के लड्डू का भी भोग लगा सकते हैं. वहीं गणेश जी की पूजा के बाद खीर अवश्य चढ़ानी चाहिए. इसके अलावा केला, नारियल, मखाने की खीर और पीले रंग की मिठाई भी गणेश जी के भोग में शामिल कर सकते हैं.