देश में शिक्षा माफियाओं और ठगों को कागज़ों पर यूनिवर्सिटी खोलने की बात तो सुनी होगी. लेकिन अगर सरकारी यूनिवर्सिटी ही कागज पर चलती दिखे. और वहां ना स्टाफ हो, ना छात्र, ना कॉलेज का पता हो. बस करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हों तो जरूरी है खबरदार किया जाए. देखें ये रिपोर्ट.