टोंक में नि:संतानता का उपचार करा रही एक महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया है. यहां एक निजी अस्पताल में वजीरपुरा गांव की रहने वाले विष्णु जांगिड़ की पत्नि सीता देवी ने बुधवार की सुबह एक साथ तीन शिशुओं को जन्म दिया है. तीनों बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं. बच्चों में एक बेटी और दो बेटे हैं.
नि:संतानता का उपचार कर रही प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी अग्रवाल ने बताया कि सुबह 7 बजकर 1 मिनट पर सबसे पहले एक बच्ची का जन्म हुआ. उसके बाद 1-1 मिनट के अंतराल पर दो लड़कों को महिला ने जन्म दिया. डॉक्टर ने बताया कि तीनों शिशुओं का जन्म सर्जरी के जरिये कराया गया है और तीनों पूरी तरह स्वस्थ हैं.
10 हजार प्रसव में 1 बार होते हैं ट्रिपलेट
चिकित्सा विज्ञान की मानें तो 10 हजार सामान्य प्रसव में से किसी 1 केस में महिला को ट्रिपलेट होने का मामला सामने आता है. मिली जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय स्थित एमसीएच में 25 नवंबर 2018 को एक प्रसूता के ट्रिपलेट जन्म देने का मामला सामने आया था.
वजीरपुरा गांव में ही एक और महिला ने चार बच्चों को दिया था जन्म
इसे अजीब संयोग ही कहा जायेगा कि इसी अस्पताल में नि:संतानता का उपचार कराने आये वजीरपुरा गांव की ही महिला ने अगस्त 2023 में एक साथ चार शिशुओं को जन्म दिया था. अब आज तीन शिशुओं को जन्म देने वाली महिला सीता भी वजीरपुरा गांव की ही रहने वाली है.
तकनीक में एक से अधिक शिशु होने की बनी रहती है संभावना
कई बार महिलाओं में अंडाणुओं का निर्माण नहीं हो पाता है. इस स्थिति में दवाईयों के जरीये ओव्यूलेशन इंडक्शन के जरिये अंडे दानी के द्वारा अंडाणुओं के निर्माण को बढ़ाया जाता है. ऐसे में इस तकनीक के जरिये मल्टिपल प्रेगनेंसी की संभावनायें बढ़ जाती हैं.
सीता के परिवार वाले हैं खुश
सीता के पति विष्णु ने बताया कि उनका विवाह वर्ष 2022 में हुआ था, लेकिन पत्नी सीता को गर्भधारण करने में समस्या आ रही थी. ऐसे में उन्होंने यहां उपचार लेना शुरू किया था. पूरा परिवार अब काफी खुश नजर आ रहा है.