नागौर जिले में अवैध विस्फोटक सामग्री की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है. जिला पुलिस की डीएसटी टीम और थांवला थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब 10 हजार किलोग्राम अवैध विस्फोटक सामग्री के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान सुलेमान खान पुत्र करीम खान, निवासी देशवाली, हरसौर (थांवला थाना क्षेत्र) के रूप में हुई है.
फॉर्म हाउस से बरामद हुआ विस्फोटक जखीरा
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने हरसौर गांव की सरहद पर स्थित अपने सुनसान फॉर्म हाउस के चार अलग-अलग कमरों में विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी थी. छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां से भारी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट, डेटोनेटर, वायर, गुल्ले और अन्य विस्फोटक उपकरण बरामद किए.
क्या-क्या हुआ जब्त
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से निम्न सामग्री जब्त की है. अमोनियम नाइट्रेट: 187 कट्टे, कुल वजन करीब 9550 किलोग्राम.
डेटोनेटर: 3 बड़े कार्टून (प्रत्येक में 1250 नग)
5 छोटे कार्टून (प्रत्येक का नेट वेट 20 किलोग्राम)
1 कार्टून (388 नग)
नीली बत्ती वायर: 12 कार्टून (प्रत्येक 10.5 किलोग्राम), साथ में 3 प्लास्टिक कट्टे (कुल 15 बंडल)
लाल बत्ती वायर: 8 कार्टून (प्रत्येक में 1500 मीटर)
4 कार्टून (टाइगर कार्ड अंकित, प्रत्येक 1500 मीटर)
2 प्लास्टिक कट्टे (कुल 5 बंडल)
बड़े गुल्ले: 5 कार्टून (प्रत्येक में 9 नग)
छोटे गुल्ले: 25 कार्टून (प्रत्येक का नेट वेट 25 किलोग्राम)
डुडेट: 4 बड़े कार्टून (प्रत्येक में 500 नग)
5 छोटे कार्टून (प्रत्येक में 400 नग)
1 कार्टून (200 नग)
1 प्लास्टिक कट्टा
एपी एसओडी: 1 लकड़ी का कार्टून (20 पैकेट)
1 लकड़ी का कार्टून (6 पैकेट)
अवैध खनन में सप्लाई का खुलासा
जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह इस विस्फोटक सामग्री को अवैध खनन में लगे लोगों को बेचता था. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के तार अन्य राज्यों से जुड़े हैं या नहीं. यदि ऐसा पाया गया, तो केंद्रीय एजेंसियां आगे की कार्रवाई करेंगी.
आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ पहले से तीन प्रकरण दर्ज हैं. इनमें से दो मामले थांवला और चौपासनी (अलवर) में न्यायालय में विचाराधीन हैं, जबकि पादुकला थाने का एक मामला में आरोपी को दोषमुक्त किया जा चुका है.
कानूनी कार्रवाई
थांवला थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बी. अधिनियम 1884, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 तथा बीएनएस की धारा 112(2) और 288 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है.