राजस्थान के कोटा में चाइनीज मांझे का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा. मंगलवार को शहर में अलग-अलग जगहों पर हुए दो हादसों ने एक बार फिर इसकी खतरनाक सच्चाई सामने ला दी. बाइक सवार एक बुजुर्ग और एक मासूम बच्चा चाइनीज मांझे की चपेट में आकर घायल हो गए. किसी की गर्दन कट गई तो किसी के चेहरे पर गहरी चोट आई. दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.
पहली घटना केशवपुरा फ्लाईओवर की है. यहां 70 वर्षीय रमेश राठौर बाइक से गुजर रहे थे, तभी अचानक सड़क पर फैले चाइनीज मांझे ने उनकी गर्दन को जकड़ लिया. तेज धार वाले मांझे से उनके गले पर गहरा कट लग गया और खून बहने लगा. मौके से गुजर रहे मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी गिर्राज गौतम ने तत्परता दिखाते हुए घायल बुजुर्ग को तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया. डॉक्टरों ने उनकी गर्दन में टांके लगाए, फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.
दूसरी घटना संजय नगर इलाके में हुई, जहां करीब 8 साल का बच्चा अपने पिता के साथ बाइक पर आगे बैठकर जा रहा था. अचानक चाइनीज मांझा बच्चे के चेहरे से टकराया और उसके गाल पर गहरा कट लग गया. बेटे को लहूलुहान देख पिता घबरा गए और तुरंत उसे एमबीएस अस्पताल ले गए. डॉक्टरों ने बच्चे के गाल पर टांके लगाए हैं.
इन दोनों घटनाओं ने शहर में चाइनीज मांझे की खुलेआम बिक्री और प्रशासनिक कार्रवाई की पोल खोल दी है. प्रतिबंध के बावजूद बाजार में यह खतरनाक मांझा आसानी से मिल रहा है, जो राह चलते लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है. सवाल यह है कि आखिर यह चाइनीज मांझा शहर में आ कहां से रहा है और इसे बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही? जब तक इस सप्लाई चैन पर प्रभावी अंकुश नहीं लगेगा, तब तक ऐसे हादसे रुकना मुश्किल है.