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प्रदेश के सबसे बड़े SMS अस्पताल में बत्ती गुल से अटक गई मरीजों की सांसें, खड़की की रोशनी में डॉक्टरों ने किया इलाज

Jaipur News: जयपुर के एसएमएस अस्पताल में बिजली गुल होने की यह पहली घटना नहीं है, बल्कि कई बार पावर कट के चलते मरीजों पर आफत आ चुकी है. एक सप्ताह पहले भी इसी तरह बिजली आपूर्ति ठप हुई थी, तब इमरजेंसी पर इसका असर पड़ा था.

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अस्पताल में बिजली कट के बाद परेशान होते मरीज.
अस्पताल में बिजली कट के बाद परेशान होते मरीज.

राजस्थान के सबसे बड़े सवाईमान सिंह अस्पताल में उस समय मरीजों की सांसें अटक गईं, जब बिजली आपूर्ति ठप हो गई. करीब 1 घंटे तक अस्पताल के अंधेरे में तीमारदार मरीजों के साथ इधर-उधर भटकते हुए नजर आए. यही नहीं, ओपीडी में पर्ची सिस्टम से लेकर एक्स-रे मशीनें और सोनाग्राफी जांच तक ठप हो गई. यहां तक कि पावर कट के चलते लिफ्ट सिस्टम भी बंद हो गया. जिसके चलते गंभीर मरीजों को सीढ़ियों और रैंप के जरिए ऊपरी मंजिलों पर ले जाना पड़ा. यहां तक कि डॉक्टरों को खड़की की रोशनी में कई मरीजों के इलाज करने की नौबत आ गई.

जयपुर के एसएमएस अस्पताल में बिजली गुल होने की यह पहली घटना नहीं है, बल्कि कई बार पावर कट के चलते मरीजों पर आफत आ चुकी है. एक सप्ताह पहले भी इसी तरह बिजली आपूर्ति ठप हुई थी, तब इमरजेंसी पर इसका असर पड़ा था. हालांकि, तब कुछ देर बाद बिजली सुचारू भी हो गई, लेकिन गुरुवार दोपहर 1.15 बजे गुल हुई तो 2 बजे तक आई. तब तक सबकी जान हलक में अटक गई. बार-बार ट्रीपिंग की समस्या के चलते अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग और धनवंतरी ओपीडी में दोपहर में ही अंधेरा छा गया. 

 इसको लेकर एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ सुशील भाटी से जब हमने संपर्क किया तो उन्होंने पल्ला झाड़ दिया. उन्होंने कहा कि इसको लेकर डॉ मनीष अग्रवाल से पूछें, जबकि अधीक्षक इतनी बड़ी लापरवाही से कन्नी काटते हुए दिखाई दिए. जबकि अस्पताल में बिजली कटौती से जनरल सर्जरी, जनरल मेडिसिन, ऑर्थो वार्ड, बर्न वार्ड, ब्लड बैंक और एंडोक्राइनोलॉजी ब्लॉक में सब कुछ ठप सा हो गया. जहां सिर्फ मरीज और तीमारदार ही नहीं, बल्कि डॉक्टर भी परेशान हो गए. 

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