राजस्थान के दो चर्चित हत्याकांडों के मुख्य दोषी प्रिया सेठ और हनुमान चौधरी ने शादी कर ली है. शादी के बाद दोनों को जेल परिसर में एक साथ रहने के लिए अलग क्वार्टर मिलेगा, जहां वे अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे. पाली की रहने वाली प्रिया सेठ और अलवर के हनुमान चौधरी जयपुर के एक निजी स्कूल में साथ काम करते थे. इसी दौरान दोनों की मुलाकात हुई, जो धीरे-धीरे नजदीकियों और फिर प्यार में बदल गई. दोनों जयपुर की ओपन जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं और जेल परिसर में भी अक्सर साथ समय बिताते थे.
पैरोल पर बाहर आए प्रिया सेठ और हनुमान चौधरी ने हाल ही में अलवर के एक होटल में हिंदू रीति-रिवाज से गुपचुप शादी कर ली. इस शादी की चर्चा अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से हो रही है. शादी की जानकारी मिलने के बाद दोनों के परिवारों ने भी अपनी सहमति जताई.
जेल में साथ रहने का मिलेगा अधिकार
अगर कोई कैदी अपने जीवनसाथी के साथ जेल में रहना चाहता है, तो नियमों के तहत उसे अलग क्वार्टर दिया जाता है. ऐसे में प्रिया और हनुमान को भी जेल परिसर में एक साथ रहने के लिए अलग आवास उपलब्ध कराया जाएगा.
क्या होती है ओपन जेल?
उम्रकैद की सजा काट रहे जिन कैदियों का व्यवहार संतोषजनक होता है, उन्हें ओपन जेल में स्थानांतरित कर दिया जाता है. ओपन जेल में पुरुष और महिला कैदी एक ही परिसर में रहते हैं, हालांकि उनके रहने के कमरे अलग-अलग होते हैं. सुबह हाजिरी के बाद कैदी काम के लिए जेल से बाहर जा सकते हैं और शाम 7 बजे तक वापस लौटकर हाजिरी देनी होती है.
हनीमून की तैयारी, परिवार में खुशी
हनुमान के गांव के लोगों के अनुसार, शादी के बाद पारंपरिक रस्में निभाई गईं और परिवार में खुशी का माहौल है. गांव में मिठाइयां बांटी जा रही हैं. हालांकि परिवार ने फिलहाल मीडिया से दूरी बना रखी है.
चर्चित हत्याकांडों के दोषी
प्रिया सेठ वर्ष 2018 के जयपुर दुष्यंत हत्याकांड की मुख्य दोषी हैं. उसने अपने प्रेमी दीक्षांत कमर और उसके साथी के साथ मिलकर दुष्यंत शर्मा की हत्या कर शव को सूटकेस में भरकर आमेर की पहाड़ियों में फेंक दिया था. 24 नवंबर 2023 को अदालत ने प्रिया सेठ समेत तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई.
वहीं, हनुमान चौधरी पर अक्टूबर 2017 में अलवर के शिवाजी पार्क इलाके में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या का दोषी है. इस मामले में अदालत ने हनुमान सहित सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी.