Rajasthan News: जयपुर में दिनदहाड़े कारोबारी के घर पर लाखों की कथित डकैती की झूठी घटना ने पुलिस की परेड करा दी. पुलिस पड़ताल में कारोबारी के नाबालिग बेटे ने ही अपने बुआ के बेटे के साथ लूट का झूठा षड्यंत्र रचा और फिर पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी फिल्मी कहानी बना ली. तथाकथित डकैती की घटना को लेकर कारोबारी के बेटे ने जो कुछ भी पुलिस को बताया उस पर पहले से संदेह था लेकिन जब पुलिस ने मौके से सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो उसमें लूट जैसा कुछ भी नजर नहीं आया. यही नहीं, तथाकथित घटना की टाइमिंग और कई ऐसे तथ्य पुलिस को मिले जो किसी परिचित की ओर इशारा कर रहे थे. लेकिन जब पुलिस ने सख्ती बरती तो झूठी कहानी का अंत हो गया.
जयपुर साउथ डीसीपी दिगंत आनंद ने बताया कि मौके से पकड़े गए प्रिंस नाम के युवक ने पुलिस पूछताछ में बताया कि परिवादी के पुत्र ने बताया था कि वो घर पर अकेला है और तुम आकर पैसे ले जाओ, ताकि भविष्य में इन रुपयों से दोनों मौज मस्ती की जा सके. इसी प्लानिंग के तहत प्रिंस परिवादी के फ्लैट पर पहुंचता है और उसके पुत्र की रजामंदी से धनराशि को बिना गिने बैग में डालता है और फिर प्रिंस वहां से ट्रॉली बैग लेकर आराम से निकल जाता है.
इसके बाद प्रिंस अपने ही एक रिश्तेदार सुरेन्द्र के घर पहुंच उन्हें धनराशि सेफ रखने का बोलता है. साथ ही उन्हें कहता है कि यह राशि उनके दोस्त की है जो इन्वेस्टमेंट के लिए रखी गई है. इसके बाद रुपयों से भरा बैग सुरेन्द्र को सुपुर्द कर आरोपी प्रिंस निकल जाता है. देखें Video:-
पुलिस ने जब पड़ताल की तो सुरेन्द्र धनराशि से भरा बैग पुलिस के पास लेकर पहुंच गया, तब पता चला कि कारोबारी के नाबालिग बेटे और प्रिंस ने मिलकर यह षड्यंत्र रचा.
दरअसल, बीते सोमवार शाम करीब 5 बजे एक कारोबारी ने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी कि गोपाल टावर अपार्टमेंट के चौथे फ्लोर पर फ्लैट में 3 हथियारबंद बदमाश उनके बेटे को पिस्टल दिखाकर फ्लैट में ही बंधक बना तिजोरी में रखे 75 लाख रुपए से भरा बैग लूट ले गए. इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बिल्डिंग के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले कारोबारी के नाबालिग बेटे से पूछताछ शुरू की.
शुरुआत में बताया कि बदमाशों ने पहले घंटी बजाई और जब गेट खोला तो पिस्टल दिखा रुपये ले गए. साथ ही बदमाश रुपयों से भरा बैग चौथी मंजिल से नीचे फेंक सीढ़ियों से होते हुए अपनी कार से फरार हो गए. ऐसे में पुलिस ने तुरंत छानबीन करते हुए सीसीटीवी में दिखे संदिग्ध की पड़ताल की तो उसकी पहचान कारोबारी के भांजे प्रिंस के रूप में हुई, जिसके बाद पुलिस ने प्रिंस को हिरासत में लिया तो पता चला की लूट की पूरी कहानी मनगढ़ंत है.
यही नहीं, तथाकथित घटना के समय 75 लाख रुपये की लूट की जानकारी मिली. लेकिन पुलिस को मौके से ट्रॉली बैग से 1 करोड़ 18 लाख रुपये बरामद हुए. कारोबारी का बेटा और उसका भांजा दोनों को ऑनलाइन गेम में जुआ खेलने की लत लगी है और मौज मस्ती के लिए उन्होंने यह प्लानिंग रची. हालांकि, लूट की सूचना दी गई थी. लेकिन ऐसी कोई वारदात नहीं हुई है.
ऐसे में अब परिवादी ने लिखित में पुलिस को बताया है कि उसकी धनराशि उन्हीं के बेटे ने राजी ख़ुशी उसी के रिश्तेदार को सुपुर्द की थी और पुलिस को दी रिपोर्ट सही नहीं थी. इसलिए परिवादी अब आगे किसी भी प्रकार की कोई अग्रिम कार्रवाई नहीं चाहते हैं, इसलिए मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई. लेकिन फिर भी पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है.