कोटा पुलिस ने बड़ी वारदात से पहले कार्रवाई करते हुए लूट की योजना बना रहे पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से एक अवैध देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, दो चाकू, मिर्च पाउडर और रस्सी बरामद की गई है. पुलिस को तलाशी के दौरान महिला के कपड़े भी मिले हैं, जिनका इस्तेमाल वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था. पुलिस के मुताबिक, आरोपी हाईवे पर वाहनों को निशाना बनाकर लूट की साजिश रच रहे थे.
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह का एक सदस्य महिला का भेष बनाकर सुनसान इलाकों में खड़ा हो जाता था. जैसे ही कोई वाहन चालक उसे देखकर गाड़ी रोकता, उसी दौरान उसके अन्य साथी मौके पर पहुंचकर चालक को धमकाते और लूटपाट करते थे. आरोपी खुद को 'कोहिनूर गैंग 0007' से जुड़ा बताते थे और इसी नाम से अपनी पहचान बना रहे थे.
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गश्त के दौरान संदिग्ध कार से हुआ खुलासा
शहर एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि बोरखेड़ा थाना पुलिस गुरुवार रात करीब 9 बजे कोटा-चित्तौड़ नेशनल हाईवे पर गश्त कर रही थी. इसी दौरान पुलिस को एक कार में पांच संदिग्ध युवक बैठे नजर आए. पुलिस ने संदेह के आधार पर कार को रुकवाकर तलाशी ली. तलाशी के दौरान कार से हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ, जिसके बाद सभी आरोपियों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया.
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ट्रक और अन्य वाहनों को निशाना बनाकर लूट की योजना बना रहे थे. पुलिस की सतर्कता के चलते वारदात को अंजाम देने से पहले ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस का मानना है कि समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ी आपराधिक घटना टल गई.
हथियार सप्लाई नेटवर्क और सोशल मीडिया कनेक्शन की जांच
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बरामद देसी कट्टा उन्होंने कालू मीणा, शरणजीत सरदार और लोकेश नाम के व्यक्तियों से खरीदा था. इसके बाद पुलिस अब हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क की जांच में जुट गई है और इससे जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं.
जांच में यह भी सामने आया है कि 'कोहिनूर गैंग (कोहिनूर ग्रुप कोटा) 0007' नाम से एक सोशल मीडिया पेज चलाया जा रहा था. इस पेज पर हथियारों के प्रदर्शन, फायरिंग और स्टंट से जुड़े वीडियो पोस्ट किए जाते थे. बताया जा रहा है कि इस पेज से 200 से अधिक युवा जुड़े हुए हैं.
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस ने मनीष सुमन (28) निवासी शिमला, विकास योगी (22) निवासी कासमपुरा दीगोद, प्रदीप मीणा (21) निवासी उम्मेदगंज, रोहित मीणा (24) निवासी ताथेड़ और अजय मीणा (19) निवासी सीमलिया को गिरफ्तार किया है. सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
फिलहाल पुलिस इस गैंग के अन्य सदस्यों और संभावित आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है. साथ ही सोशल मीडिया के जरिए गैंग के प्रचार और हथियारों के प्रदर्शन से जुड़े पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है.