scorecardresearch
 

किन्‍नरों को मिला उनका हक

इंसान की पहचान ही उसके वजूद को जीने की वजह देती है. लेकिन जब पहचान, परेशानी और परेशान दाग बन जाए तो जीना मुहाल हो जाता है. देश की सबड़े बड़ी अदालत ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए देश को एक तीसरा जेंडर यानी तीसरा दर्जा दे दिया. अब देश मे मौजूद पचास लाख से भी ज्यादा किन्नरों को तीसरे दर्जे में शामिल कर लिया गया है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें