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Mukhtar Ansari रोपड़ टू बांदा! परिवार को क्यों सता रहा एनकाउंटर का डर? देखें वारदात

Mukhtar Ansari रोपड़ टू बांदा! परिवार को क्यों सता रहा एनकाउंटर का डर? देखें वारदात

मुख्तार अंसारी के दादा इंडियन नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष रहे. नाना नौशेरा की लड़ाई के हीरो और परमवीर चक्र विजेता रहे. पिता कम्युनिस्ट पार्टी के इज्जतदार नेता रहे. चाचा देश के उप राष्ट्रपति रहे, भाई सांसद रहे, बेटा शॉटगन चैंपियन रहा. ऐसी शानदार विरासत और उस विरासत की तस्वीर है मुख्तार अंसारी. 6 अप्रैल दोपहर क़रीब दो बजे रोपड़ जेल से एक काफिला निकलता है. मंज़िल है करीब हजार किमी दूर यूपी की बांदा जेल. 26 महीने पहले 24 जनवरी 2019 को बांदा जेल से जो कहानी शुरू हुई थी, 26 महीने बाद उसी बांदा जेल में मुख्तार अंसारी की कहानी, दोबारा दस्तक देने जा रही है. पंजाब और यूपी की जेलों के बीच पिछले 26 महीने से जो लड़ाई जारी थी, वो आखिरकार खत्म हो गई. मुख्तार का फिर से वही अब पुराना पता होगा बांदा जेल. तो फिर मुख्तार अंसारी यूपी की जेल से दूर पंजाब की जेल में ही क्यों रहना चाहता था? यूपी और पंजाब की जेलों के बीच ये लड़ाई क्यों शुरू हुई? देखें वारदात, शम्स ताहिर खाने के साथ.

The Uttar Pradesh Police has taken the custody of don Mukhtar Ansari. This comes days after the Supreme Court directed the Punjab government to hand over the custody of the don to the UP police. A 150-member team of the Uttar Pradesh Police is bringing gangster-turned-politician Mukhtar Ansari to Banda jail. Ansari's wife said that she fears for his life in Uttar Pradesh. She has urged the top court to pass necessary directions for her husband's security during the transportation and also when he is produced before the courts for hearing. Why does Mukhtar Ansari's family fear for his life in UP? Watch this episode of Vardaat to know.

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