अक्टूबर की आखिरी सुबह. मौसम पूरी तरह करवट ले चुका है. ठंड दिल्ली में दस्तक दे चुकी है...गुनगुनी धूप के बीच हल्की सर्द हवा चल रही है. 1 सफदरजंग बंगले के लॉन में चारों तरफ लगे नीम और इमली के पेड़ों के साथ फूल भी खिलखिला रहे हैं. लेकिन तभी गोलियों की आवाज से पूरा माहौल बदल जाता है...और गोली चली थी देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सीने में.