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इंसानी गलती से जेल में काटे 37 साल, रिहाई तो हुई पर खत्म हो गए जज्बात

इस दर्दनाक स्टोरी में पुलिस, कानून और इंसाफ का एक ऐसा सच क़ैद है जिसकी कोई दूसरी मिसाल हिंदुस्तान तो क्या पूरी दुनिया में नहीं मिलेगी. ये सच ही कुछ ऐसा है जिसे सुनने के बाद भी आपको अपने कानों पर यकीन नहीं होगा. पर आपको यकीन करना पड़ेगा. क्योंकि ये सच है.

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