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कमरतोड़ ही नहीं आदमखोर भी हो गई महंगाई

महंगाई दुधमुहे बच्चे से दूध छीन लेती है.बीमारी से जूझ रहे बुजुर्गों से फल छीन लेती है.हंसते खेलते लोगों को कर्ज के बोझ तले दबा देती है और जब इससे भी मन नहीं भरता तो यही महंगाई मार देती है. आजादी की पैंसठवीं सालगिरह से महज चार दिन पहले महाराष्ट्र में एक शख्स ने जिंदगी से खुद को आजाद कर दिया.

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