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स्पेशल रिपोर्ट

ज्ञानवापी में 'शिवलिंग' से छेड़छाड़ के सबूत क‍ितने दमदार? देखें स्पेशल र‍िपोर्ट

27 मई 2022

आज ज्ञानवापी केस में दो बड़े डेवलपमेंट हुए. पहला ये कि हिंदू पक्ष के द्वारा शिवलिंग को क्षति पहुंचाने का बड़ा आरोप लगाया गया. दूसरा ये कि मुस्लिम पक्ष की तरफ से अदालत में अर्जी डाली गई है कि सर्वे वाले वीडियो को सार्वजनिक नहीं किया जाए. यानी कैमरे में कैद ज्ञानवापी का सच अभी केस की प्रोसिडिंग का ही हिस्सा हो, अगर वीडियो सार्वजनिक हुआ तो माहौल खराब हो सकता है. मुस्लिम पक्ष की तरफ से माहौल खराब होने की दलील के पीछे क्या बड़ी वजह है? हिंद पक्ष की तरफ से शिवलिंग को क्षति पहुंचाने के जो सबूत पेश किए गए हैं, उसमें कितना दम है? देखें स्पेशल रिपोर्ट, अंजना ओम कश्यप के साथ.

ज्ञानवापी पर मुस्लिम पक्ष की दलील, क्या पलट जाएगी थ्योरी?

26 मई 2022

आज का दिन ज्ञानवापी केस के लिए बहुत महत्वपूर्ण रहा, केस में आगे क्या होगा, मुस्लिम पक्ष की तरफ से पेश की गई दलील से तय हो गया. करीब 2 घंटे तक मुस्लिम पक्ष की तरफ से हिंदू पक्ष की अर्जी के खिलाफ अपनी दलीलें पेश की. मुस्लिम पक्ष की ओर से 5 प्वाइंट में हिंदू पक्ष की अर्जी को खारिज करने वाले तर्क अदालत के सामने रखे गए. दोपहर में दो बजे सुनवाई शुरू हुई जो 4 बजे तक चली, इस दौरान मुस्लिम पक्ष का Argument पूरा नहीं हुआ, कोर्ट की तरफ से सुनवाई की नई तारीख मुकर्रर कर दी गई है. 30 मई को अब सुनवाई होगी. इस केस में अब आगे क्या होगा, क्या 30 मई को फैसला आ जाएगा? इस पर देखें स्पेशल रिपोर्ट.

दहशतगर्द के 'मास्टर' को उम्रकैद, देखें यासीन मलिक के जुर्म का हिसाब

25 मई 2022

टेरर फंडिंग केस में दिल्ली की एनआईए कोर्ट ने यासीन मलिक को उम्रकैद की सज़ा सुनाई है. हालांकि एनआइए ने यासीन मलिक को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की थी. अदालत ने यासीन मलिक पर 10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है. जैसे ही प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के चीफ यासीन मलिक को सजा सुनाई गई, कोर्ट के बाहर लोगों ने मिठाइयां बांटी. बता दें कि यासीन मलिक ने कोर्ट में कहा कि वो अपनी सज़ा पर कुछ नहीं बोलेगा. देखें स्पेशल रिपोर्ट.

ज्ञानवापी पर घमासान और मुगलों पर ज्ञान, देखें स्पेशल रिपोर्ट

24 मई 2022

ज्ञानवापी मस्जिद पर कोर्ट में सुनवाई के बीच, अब मुगलों को लेकर बड़ी लड़ाई छिड़ गई है. एक तरफ हिंदू पक्ष कह रहा है मुगल शासक औरंगज़ेब ने मंदिर तोड़कर मस्जिद बनवाई और ज्ञानवापी में मंदिर के सबूत भी मिल रहे हैं. अभी तक शिवलिंग के दावे को फव्वारा बताने वाले ओवैसी ने मुगलों पर नया ज्ञान दिया है. ओवैसी कह रहे हैं भारत के मुसलमानों का मुगलों से कोई रिश्ता नहीं है लेकिन ओवैसी ये भी पूछ रहे हैं कि मुगलों की बीवियां कौन थीं, अब भडकाऊ भाईजान इस बयान से किसको भड़का रहे हैं. ये भी समझदारों को इशारा काफी है। लेकिन ओवैसी के बयान पर बीजेपी तुरंत भड़क गई है. देखें स्पेशल रिपोर्ट.

ज्ञानवापी मस्जिद पर क्या आने वाला है बड़ा फैसला? देखें स्पेशल रिपोर्ट

23 मई 2022

क्या ज्ञानवापी मस्जिद के मुद्दे पर अब बहुत बड़ा फैसला आने जा रहा है? क्या वाराणसी की ज़िला अदालत के जज साहब ज्ञानवापी मस्जिद पर बहुत बड़ा फैसला सुनाने वाले हैं? क्योंकि अब से ठीक 18 घंटे बाद वाराणसी जिला अदालत ज्ञानवापी मस्जिद पर फैसला सुनाएगी. हिंदू और मुस्लिम पक्ष की अपनी अपनी दलीलें हैं. आज 45 मिनट तक कोर्ट में बहस हुई. हिंदू और मुस्लिम पक्ष ने अपनी-अपनी मांगें रखीं. हिंदू पक्ष की तरफ से 7 मांगें रखी गईं, तो मुस्लिम पक्ष ने दो मांगें की हैं. हिंदू पक्ष श्रृंगार गौरी की रोज़ाना पूजा के साथ-साथ, वजूखाने में मिले शिवलिंग की पूजा की भी मांग कर रहा है. जबकि मुस्लिम पक्ष इस बात पर सुनवाई चाहता है कि ये मुकदमा बनता भी है या नहीं? ज्ञानवापी केस पर देखिए ये स्पेशल रिपोर्ट.

स्पेशल रिपोर्ट: देखें कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह की सर्वे रिपोर्ट की बड़ी बातें

19 मई 2022

वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद पर कानूनी लड़ाई के लिए आज का दिन बहुत अहम है क्योंकि कमीशन कार्यवाही की दो रिपोर्ट कोर्ट में पेश हो चुकी है. ज्ञानवापी केस में आगे की दिशा क्या होगी, अब ये काफी हद तक कमीशन रिपोर्ट पर आधारित होगा. आज हमने ज्ञानवापी पर रिपोर्ट को लेकर किए जा रहे दावों की फाइल खंगाली. दरअसल हिंदूपक्ष अपने हक में मस्जिद की इसी पश्चिमी दीवार को सबसे बड़े प्रमाण के तौर पर पेश करता है. वजह है पश्चिमी दीवार की संरचना, जो मस्जिद की दूसरी संरचना से एकदम भिन्न है. ऐसा क्यों है? इस पर देखें स्पेशल रिपोर्ट.

वजूखाने में फव्वारा है या शिवलिंग? देखें ओवैसी-सुधांशु त्रिवेदी के बीच 'टक्कर'

18 मई 2022

आज इतिहास की रौशनी में ज्ञानवापी पर हिंदू पक्ष और मुस्लिम पक्ष के दावों को परखा गया. साथ ही देखें आईआईटी बीएचयू के प्रोफेसर शिवलिंग और फव्वारे वाली थ्योरी को किस तरह देख रहे हैं. वहीं, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने ज्ञानवापी पर छिड़ी महाभारत पर अपना-अपना पक्ष रखा. इस पर देखें स्पेशल रिपोर्ट.

ज्ञानवापी के अंदर का वीडियो कहां से आया? देखें स्पेशल रिपोर्ट

17 मई 2022

आज वाराणसी की लोअर कोर्ट से लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत में ज्ञानवापी पर सुनवाई हुई. आज देशभर में ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर शिवलिंग के दावे पर बहस चलती रही. मुस्लिम पक्ष मस्जिद के अंदर फव्वारे का दावा करता है तो हिंदू पक्ष साक्षात शिव की मौजूदगी का दावा करता रहा. सबके मन में यही सवाल है कि आखिर ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में देवों के देव महादेव है या फिर फव्वारा है. आज ज्ञानवापी का सच समझने के लिए आप सुनी-सुनाई बातों पर यकीन मत करिए,अगर आपको शिवलिंग और फव्वारे की सच्चाई जाननी हैं तो हिंदू पक्ष और मुस्लिम पक्ष के दावों से दूर कैमरे की जुबानी पूरा कहानी आपको दिखाते हैं.

हिंदू पक्ष के 'शिवलिंग' वाले दावे में कितनी हकीकत?

16 मई 2022

आज ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर सर्वे समाप्त हुआ और बाहर निकला शिवलिंग के मौजूदगी का बडा दावा. हिंदू पक्ष की तरफ से डंके की चोट पर यही दावा है कि ज्ञानवापी में बाबा मिल गए. हालांकि कोर्ट द्वारा नियुक्त कमिशनर अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं, यही जानकारी दी कि 17 मई तक कमीशन की कार्यवाई वाली रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी. कोर्ट का फैसला अभी बहुत दूर हैं, लेकिन विश्व हिंदू परिषद और बीजेपी ने माहौल बनाना शुरू कर दिया है. देखें स्पेशल रिपोर्ट

मंद‍िर तोड़ने वाले औरंगजेब से प्रेम, क्या है ओवैसी का गेम? देखें स्पेशल रिपोर्ट

13 मई 2022

आज काशी से मथुरा तक मंदिर-मस्जिद को लेकर विवाद चल रहा है. विवाद की जड़ में है मुगल शासक औरंगजेब. चाहे मामला काशी का हो या फिर मथुरा का, इतिहास गवाह है कि औरंगजेब के फरमान पर देशभर में हिंदू मंदिर तोड़े गए. देश औरंगजेब को आक्रांता के तौर पर देखता हैं. उसकी वजह है हिंदुओं को दिए गए जख्म जो आज भी नहीं भरे हैं. औरंगजेब की मृत्यु के सवा तीन सौ साल बाद एक बार फिर ओवैसी ब्रदर्स ने जख्मों को कुरेद दिया है. स्पेशल रिपोर्ट में देखें औवैसी के औरंगजेब प्रेम को लेकर खड़े हुए सियासी विवाद की पूरी कहानी अंजना ओम कश्यप के साथ.

Special Report: क्या शुरू हो गया मंदिर और मस्जिद वाली राजनीति का नया प्रयोग?

12 मई 2022

ताजमहल पर विवाद को फौरी तौर पर विराम दे दिया गया लेकिन काशी से लेकर मथुरा तक आए फैसलों का मतलब क्या है, हिंदू पक्ष और मुस्लिम पक्ष के लिए इस फैसले में क्या संदेश छिपा हुआ है, ज्ञानवापी का आपने कोर्ट का ऑर्डर देखा, लेकिन ये ऑर्डर कोर्ट को क्यों देना पड़ा, क्या है पूरा विवाद, ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर कोर्ट की कानूनी जंग से कितने किरदार जुड़े हुए है, किरदारों की कहानी क्या है. आपको क्लियर पिक्चर समझाने के लिए हमने ये रिपोर्ट तैयार की है. बहुत लोगों के मन में सवाल हैं कि अब आगे क्या हैं,ज्ञानवापी पर कोर्ट के नए ऑर्डर का हिंदू पक्ष की मांग और मुस्लिम पक्ष के स्टैंड पर क्या फर्क पड़ेगा? क्या मुस्लिम पक्ष के पास कानूनी तौर पर कई और विकल्प मौजूद है. और सबसे बड़ा सवाल ये कि क्या ज्ञानवापी के बहाने अब मंदिर और मस्जिद वाली राजनीति का नया प्रयोग शुरू होगा.

स्पेशल रिपोर्ट: ज्ञानवापी से ताजमहल तक, प्राचीन इमारतों में मंदिरों का दावा

11 मई 2022

ज्ञानवापी मस्जिद की तरफ से मुस्लिम पक्ष ने सर्वे करने गए कोर्ट कमिश्नर पर सवाल उठाए और सर्वे रुक गया. लेकिन मामला फिर से कोर्ट में पहुंच गया. अभी सर्वे के विवाद को लेकर सुनवाई चल ही रही थी कि ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर की कुछ तस्वीरों के बाहर आने का दावा किया जाने लगा और कुछ तस्वीरों के साथ ये दावा किया जा रहा है कि ये ज्ञानवापी में मंदिर होने के सबूत हैं. ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे पर ही अब तूफान मचा हुआ है, मुस्लिम पक्ष ने सर्वे और वीडियोग्राफी करने गए कोर्ट कमिश्नर पर ही सवाल उठा दिये. इसी पर वाराणसी सिविल कोर्ट में सुनवाई चल रही थी. इस सुनवाई के दौरान हंगामा भी हुआ, और बहस रुक गई. हिंदू पक्ष ने दलील दी है कि सर्वे से कोर्ट कमिश्नर अलग होना चाहते हैं, वो हट सकते हैं. देखें स्पेशल रिपोर्ट.

क्या मंदिर तोड़कर बनवाई गई कुतुब मीनार? देखें स्पेशल रिपोर्ट

10 मई 2022

देश में इस वक्त मंदिर-मस्जिद के मुद्दे गरमा रहे है. अभी तक आपने देखा कि देश में लाउडस्पीकर पर अज़ान के जवाब में हनुमान चालीसा पाठ पर जमकर विवाद हुआ था.  जैसे ही धर्म का लाउडस्पीकर धीमा पड़ा तो अब ऐतिहासिक इमारतों में मंदिरों की खोज शुरु हो गई है और आज तो कुतुब मीनार के परिसर में हिंदू संगठनों ने हनुमान चालीसा का पाठ कर डाला. इतना ही नहीं दिल्ली की ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध कुतुब मीनार का नाम बदलने को लेकर भी हिंदू संगठनों ने विरोध किया. इनकी मांग है कि कुतुब मीनार का नाम बदलकर विष्णु स्तंभ कर दिया जाए. देखें स्पेशल रिपोर्ट.

शाहीन बाग में बुलडोजर का ये कैसा एक्शन? देखें स्पेशल रिपोर्ट

09 मई 2022

आज सुबह जब 11 बजे शाहीन बाग के लोगों की सुबह देश के लोगों से एकदम अलग थी. लोग अपना सारा कामकाज छोड़कर एमसीडी के बुलडोजर का इंतजार कर रहे थे. अगर MCD के बुलडोजर अवैध अतिक्रमण ढहाने के लिए तैयार थे तो शाहीनबाग अपना पूरा होमवर्क पहले ही कंप्लीट कर चुका था. MCD के बुलडोजर आए, MCD के अफसर आए, लेकिन शाहीन बाग के मुख्य बाजार से MCD को खाली हाथ लौटना पड़ा. MCD के अफसरों को उम्मीद नहीं थी कि शाहीन बाग में जहांगीरपुरी जैसा मौका नहीं मिलेगा. देखें स्पेशल रिपोर्ट.

सर्वे पर सवाल क्यों.... बवाल क्यों? देखें स्पेशल रिपोर्ट

07 मई 2022

बाबा विश्वनाथ की नगरी में रौनक तो हमेशा रहती है लेकिन आज कल वहां हंगामा बरपा है. आज सर्वे के दूसरे दिन टीम ज्ञानवापी मस्जिद फिर पहुंची. इससे पहले मुस्लिम पक्ष ने ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे पर सवाल खड़े कर दिए. कोर्ट कमिश्नर की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मुस्लिम पक्ष अदालत तक पहुंच गया. उनका तर्क था कि, कोर्ट कमिश्नर हिंदू पक्ष की तरह बर्ताव कर रहे हैं इसलिए उन्हें हटा दिया जाए. दोनों पक्षों के वकीलों में भी आर-पार की जंग दिखाई दी. शुक्रवार को हुए हंगामे के बाद से पुलिस और प्रशासन पहले से भी ज्यादा अलर्ट दिखा. मंदिर-मस्जिद कॉम्पलेक्स के बाहर पुलिस ने फ्लैग मार्च करके संदेश दिया कि हालात नियंत्रण में हैं. देखें स्पेशल रिपोर्ट.

तेजिंदर बग्गा की गिरफ्तारी पर स‍ियासी तूफान, जानें इनसाइड स्टोरी

06 मई 2022

आज देश ने एक बहुत अजीब चीज देखी है. तीन राज्यों की पुलिस एक राजनेता के लिए ऐसे आमने-सामने खड़ी हो गयी कि भ्रम होने लगा कि गैंगवार हो रही है या पुलिस की कार्रवाई. आज दिल्ली, पंजाब और हरियाणा की पुलिस बीजेपी नेता तेजिंदर सिंह बग्गा के अरेस्ट विवाद में बहुत अजीब स्थिति में खड़ी हैं. पंजाब में आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता ने रिपोर्ट लिखवाई, ज‍िसमें आरोप लगाया गया है कि तेजेन्द्र सिंह बग्गा ने टीवी बहस में केजरीवाल को धमकी दी है. देखें और जानें तेजिंदर बग्गा की गिरफ्तारी पर उठा स‍ियासी तूफान और पूरा किस्सा स्पेशल रिपोर्ट में.

Special Report: विवाद को तेजी से दंगों में बदलने के पीछे कौन?

05 मई 2022

देश को शांति से आगे बढ़ाने के लिए PFI टूलकिट के बारे में जानना बहुत जरूरी है. आप पिछले कुछ दिनो में देख रहे होंगे कि छोटी सी बात पर हिंसा शुरू हो जाती है. हिंसा का एक खास पैटर्न होता है।तेजी से कम समय के लिए हिंसा होती है लेकिन तनाव लंबे समय तक रहता है. इस हिंसा में पत्थर बहुत प्रमुख हथियार बन कर उभरा है. ये पत्थरवादी हिंसा का जो पैटर्न है देश की जांच एजेंसियों को बहुत परेशान कर रहा है. वो इसकी जांच मे लगी हैं. जांच एजेसियों को लगता है कि देश को अशांत और अस्थिर करने के लिए बहुत सुनियोजित तरीके से एक तय प्लान के मुताबिक काम चल रहा है. राजस्थान में हाल के दिनो में हुई हिंसा को आधार बना कर इस आशांका को समझने की कोशिश करते हैं.

महाराष्ट्र में चलते सियासी बुलडोजर की कहानी, देखें स्पेशल रिपोर्ट

04 मई 2022

देश में बुलडोजर की बहुत चर्चा है. बुलडोजर के कई अवतार चर्चित हैं. वो प्रशासक, पुलिस, जज और विकास का प्रतीक भी बन गया है,और वो तुष्टीकरण का यंत्र भी बनता जा रहा है. बुलडोजर को वोटबैंक बनाने की मशीन भी कहा जा रहा है. किसी के पास लोहे का बुलडोजर है तो किसी के पास बातों का बुलडोजर है और कहीं हिंसा का बुलडोजर है. मुंबई में उद्धव ठाकरे और राणा दंपत्ति के बीच हनुमान चालीसा विवाद पर BMC का बुलडोजर तैयार है, तो वहीं राजस्थान में अशोक गहलोत और बीजेपी के बीच दंगे का दोष मढ़ने के लिए आरोपों का बुलडोजर चल रहा है. दिल्ली में भी अवैध निर्माण के खिलाफ NDMC का वोटबैंक वाला बुलडोजर चल रहा है. बुलडोजर पर देखिए स्पेशल रिपेर्ट का ये एपिसोड.

कोपेनहेगन में भारतीय समुदाय से रूबरू हुए मोदी, देखें पूरा वीड‍ियो

03 मई 2022

डेनमार्क में प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन से अहम मुलाकात के बाद पीएम नरेंद्र मोदी अब वहां पर रह रहे भारतीय समुदाय को संबोधित करने पहुंचे. बेला सेंटर में बड़ी संख्या में आए भारतीय समुदाय के लोगों से अपनी मन की बात की. आज जैसे ही पीएम मोदी बेला सेंटर पहुंचे, वहां भारतीयों में अलग ही उत्साह देखा गया. प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के पहले व‍िदेशी धरती पर भारत का राष्ट्रगाण गाया गया और पूरी धरती जन गण मन से गूंज उठी. भारतीयों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि डेनमार्क और भारत के रिश्ते काफी मजबूत हैं. उन्होंने बताया है कि उनकी डेनमार्क पीएम के साथ जो मुलाकात हुई है, उस वजह से दोनों देशों के बीच पहले से मजबूत रिश्ते और खास बनने वाले हैं. संबोधन में पीएम ने कोरोना काल का भी जिक्र करते हुए कहा कि इसका असर पूरी दुनिया पर जरूर पड़ा है लेकिन भारत ने एक निर्णायक भूमिका निभाई है. साथ ही, पीएम मोदी ने 'चलो इंडिया' का नारा दिया और कहा कि 'हर साल आप 5 विदेशी दोस्तों को भारत भेजिए'. देखें स्पेशल रिपोर्ट का ये एपिसोड.

पीएम मोदी के 65 घंटे दुनिया के लिए अहम क्यों? बर्लिन से देखें स्पेशल रिपोर्ट.

02 मई 2022

आज एक बार फिर पूरी दुनिया की नजरें बर्लिन पर टिकी हुई हैं. वजह है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जर्मनी दौरा. रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच इस विजिट को लेकर यूरोप को बहुत उम्मीद है. जर्मनी के चांसलर ओलाफ शॉल्त्स ने कहा है कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि रूस की कार्रवाई को लेकर भारत और जर्मनी के बीच कोई बड़ा समझौता होगा.जर्मनी पहुंचने से पहले मोदी ने बड़े फैसले के संकेत दे दिए हैं. क्या जमर्न और भारत के बीच होने वाला समझौता इतना बड़ा होगा कि युद्ध की दिशा और दशा बदल देगा. प्रधानमंत्री के 65 घंटे दुनिया के लिए अहम क्यों हैं? बर्लिन से देखें स्पेशल रिपोर्ट.

फिर चर्चा में शाहीन बाग, आगरा मंदिर विवाद पर घमासान, देखें

29 अप्रैल 2022

सीएए प्रोटेस्ट के दौरान शाहीन बाग देश ही नहीं बल्कि दुनिया की सुर्खियां बन गया था. एक बार फिर दो वजहों से शाहीन बाग को लेकर खूब चर्चा हो रही हैं, पहली ये कि शाहीन बाग के एक फ्लैट में छापेमारी हुई और छापेमारी के दौरान फ्लैट के अंदर से अंतर्राष्ट्रीय साजिश के सबूत मिलने का दावा किया जा रहा है और दूसरा ये कि शाहीन बाग में बुलडोजर चलने वाला है. आगरा में रेलवे की जमीन पर धार्मिक स्थलों के कब्जे हटाने की प्रक्रिया विवाद की वजह बन रही है. यूपी में अतिक्रमण हटा रहे बुलडोजर की ताकत पाकर सारे सरकारी विभाग अपनी संपत्ति को अतिक्रमण से छुटाने में लगे हैं. देखें स्पेशल रिपोर्ट.