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स्पेशल रिपोर्ट

स्पेशल रिपोर्ट: कौन किसान का हमदर्द, किसने दिया दर्द?

19 जनवरी 2021

आज हम देश की राजनीति में ईमान और धर्म पर बहस चल रही है. राहुल गांधी का राष्ट्रप्रेम और पीएम मोदी के राष्ट्रवाद पर भी सियासत हो रही है. आखिर दिल्ली बॉर्डर से चीन बॉर्डर तक बीजेपी और कांग्रेस में आर-पार की लड़ाई क्यों छिड़ गई? कौन किसानों का सगा है, किसने किसानों को ठगा है? आज दिनभर बीजेपी और कांग्रेस के बीच इसी मुद्दे को लेकर तूतू मैं-मैं होती रही. लेकिन आज जिस शब्द की, जिस पॉलिटिकल डिक्शनरी की चर्चा हो रही हैं, उसके पीछे हैं राहुल गांधी. आखिर राहुल ने किसानों को लेकर ऐसा क्या कहा कि सियासी लड़ाई प्रोफेसर बनाम बहानेबाज स्टूडेंट तक पहुंच गई. देखें स्पेशल रिपोर्ट, अंजना ओम कश्यप के साथ.

ममता बनर्जी के लिए क्यों अहम है नंदीग्राम? देखें स्पेशल रिपोर्ट

18 जनवरी 2021

पश्चिम बंगाल की सियासत की दो घटनाओं पर देशभर की नजर है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम से विधानसभा चुनाव लड़ने वाली हैं, उन्होंने ऐलान किया कि शुभेंदु अधिकारी के गढ़ से वे चुनाव लड़ेंगी. वहीं दूसरी तरफ शुभेंदु अधिकारी ने ऐलान किया है कि अगर उन्होंने ममता बनर्जी को हराया नहीं तो संन्यास ले लेंगे. ममता बनर्जी ने नंदीग्राम की रैली में 30 मिनट भाषण दिया, लेकिन एक बार भी शुभेंदु अधिकारी का नाम नहीं लिया. ये वही इलाका है जहां शुभेंदु का सियासी दबदबा है. आखिर ममता शुभेंदु अधिकारी के गढ़ में गई, नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया लेकिन शुभेंदु पर खामोश रही।ममता बनर्जी के इस मास्टर स्ट्रोक के आगे की सियासी कहानी क्या है. देखें स्पेशल रिपोर्ट, अंजना ओम कश्यप के साथ.

जो बाइडेन की शपथ में क्यों नहीं जाएंगे डोनाल्ड ट्रंप?

17 जनवरी 2021

डोनाल्ड ट्रंप की शख्सियत का उतनी ही ब्लैक एंड व्हाइट है जितना दिखाया जाता है. डोनाल्ड ट्रंप विलेन या नायक बाइडेन आ रहे हैं, ट्रंप को जाना है लेकिन इस आने-जाने ने यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका के लोगों की यूनिटी के बीच दरारें इतनी गहरी कर दी हैं, जिनका असर दिखने लगा है. 2 शताब्दियों की यात्रा के बाद आज अमेरिकन लोकतंत्र जहां पर आकर रुका है, वहां से न बाइडेन पूरी तरह हीरो दिखते हैं. न ट्रंप पूरी तरह विलेन. संवैधानिक प्रक्रियाओं ने अपनी जिम्मेदारी निभा दी लेकिन अमेरिका असमंजस में दिखता है. देखें स्पेशल रिपोर्ट, श्वेता सिंह के साथ.

राहुल का किसान समर्थन पॉटिलिटल स्टंट है या कांग्रेस की संजीवनी बूटी?

15 जनवरी 2021

26 जनवरी को किसान संगठन के परेड से पहले कांग्रेस ने पॉलिटिकल परेड निकाली. आज राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ धरना दिया. दिल्ली में राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन हुआ. कल राहुल गांधी ने तमिलनाडू से कृषि कानून पर हमला बोला तो आज दिल्ली की सड़क से लेकर जंतर मंतर तक हल्ला बोला. क्या है इसका सियासी मतलब, जानिए स्पेशल रिपोर्ट में.

गुजरात और अहमदाबाद के ही पतंगों की क्यों हो रही चर्चा, देखें

14 जनवरी 2021

देशभर से आई पतंगबाजी की तस्वीरें तो आपने आज देखी ही होंगी, लेकिन जिस पतंग और पेंच की चर्चा पूरे देश में हो रही है, वो गुजरात और अहमदाबाद से आई. आज गुजरात में ओवैसी की पतंग उड़ी, तो हैदराबाद में मोदी की पतंग उड़ी. आखिर पर्व के मौके पर आसमान में उड़ाई गई इन पतंग का सियासी मतलब क्या है, समझिए स्पेशल रिपोर्ट में.

स्पेशल रिपोर्ट: सुशासन पर चली 6 गोली का क्या है सच?

13 जनवरी 2021

बिहार की राजधानी पटना में एक मर्डर ने पूरी सियासत को हिलाकर रख दिया है. आवाज से सिर्फ दो किलोमीटर दूर बेखौफ कातिलों ने एक मैनेजर को मौत के घार उतार दिया. कातिलों ने छह गोली मारी. पटना में हुए इस हत्याकांड ने बिहार की राजनीति में भूचाल ला दिया. एक तरफ विपक्ष नीतीश कुमार पर निशाना साध रहा है तो दूसरी तरफ गठबंधन की गाड़ी में सवार भारतीय जनता पार्टी नीतीश राज में लॉ एंड ऑर्डर पर सवाल उठा रही है. आखिर क्या है सुशासन पर चली छह गोली का पूरा सच? बात किसान आंदोलन और कश्मीर की हड्डियां गलाती ठंड की भी होगी. देखें स्पेशल रिपोर्ट, अंजना ओम कश्यप के साथ.

स्पेशल रिपोर्ट: क्या अबकी बार, फंस गई मोदी सरकार?

12 जनवरी 2021

आज किसानों के मुकदमे पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आ गया. सुप्रीम कोर्ट ने तीन कृषि कानूनों को होल्ड करते हुए कमेटी बना दी. तीनों कानूनों पर फाइनल फैसला आने तक रोक लग गई. कोर्ट के ऑर्डर के बाद भी दिल्ली बॉर्डर पर बैठे किसान आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं. आखिर किसान आंदोलन के संकट का आखिरी रास्ता क्या है? 12 जनवरी की तारीख किसानों और केंद्र सरकार के बीच विवाद के हल की ओर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से बढ़ाया गया पहला बड़ा कदम है. आखिर कब तक केंद्र और किसानों के बीच जारी रहेगा गतिरोध, देखें स्पेशल रिपोर्ट.

स्पेशल रिपोर्ट: SC का मोदी सरकार को क्या है स्पष्ट संदेश?

11 जनवरी 2021

आज 47 दिन के आंदोलन और 140 मिनट की सुप्रीम सुनवाई ने पूरा गोल्फपोस्ट शिफ्ट कर दिया. आज देश की सबसे बड़ी अदालत ने केंद्र सरकार की हद और किसानों के हक की संपूर्ण व्याख्या की. कोर्ट ने आज फैसले की आउट लाइन खींच दी है और मंगलवार को बड़ा फैसला आएगा. लेकिन फैसला क्या होगा इसके बड़े संकेत कोर्ट ने आज ही दे दिए. केंद सरकार तीन क़षि कानूनों को अपनी कसौटी पर खरा साबित करने पर तुली हैं तो किसान उन्हीं कानून को खोटा बता रहे हैं. दोनों पक्षों में इसी मुद्दे पर सबसे बड़ा टकराव हैं. अब तक हम और आप किसान और सरकार के दलील और तर्क सुन रहे थे. आज सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की मंशा पर शंका जताई. देश की सबसे बड़ी अदालत को अपने ऑब्जर्वेशन में कहना पड़ा कि केंद्र सरकार समाधान निकालने में फेल रही, सरकार ने अपनी जिम्मेदारी को नहीं निभाया. देखें स्पेशल रिपोर्ट, अंजना ओम कश्यप के साथ.

16 जनवरी से टीका, क्या कोरोना का असर होगा फीका?

10 जनवरी 2021

जिंदगी को सामान्य करने की चुनौती, अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की चुनौती. चुनौती इस बात की है कि लोग एक बार फिर जी सकें, जश्न मना सकें. चुनौती यह भी है कि एक बार फिर से स्कूल खुल सकें, लोग अपने काम उसी तरह से शुरू कर सकें, जैसे कोरोना काल के पहले हालात थे. फैक्ट्रियों के उत्पादन भी ठीक से शुरू हो सकें. ये हालात सिर्फ तभी नहीं सुधर सकते जब वैक्सीन आ जाए, शुरूआत तब होगी जब वैक्सीन का रोल आउट ढंग से होगी. भारत दुनिया के कई देशों की मदद कर रहा है. लेकिन क्या है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने कोरोना से निपटने की चुनौतियां, देखें स्पेशल रिपोर्ट, श्वेता सिंह के साथ.

क्या है पश्चिम बंगाल में ध्रुवीकरण का गुप्त गठबंधन?

09 जनवरी 2021

एक मशहूर बंगाली कहावत है जॉतो मॉत, तॉतो पॉथ. इस कहावत का मतलब है सभी धर्मों के अलग-अलग रास्ते हैं, पर सबका लक्ष्य एक है. इसी बंगाली कहावत को अलग-अलग सियासी चश्मे से देखा जा रहा है. आज बंगाल में धर्म के वास्ते सियासी रास्ते पर रेस लगी हुई है. धर्म के एंगल से वोट और वोट मांगने वालों का ईमान तौला जा रहा है. क्या बंगाल में हिंदू वोट बिखरा हुआ है और मुस्लिम वोट एकजुट हैं? क्या बंगाल में 2 से 5 परसेंट मुस्लिम वोट दीदी से खिसका तो कुर्सी खिसक जाएगा? देकें खास कार्यक्रम, श्वेता सिंह के साथ.

सरकार के साथ किसानों की बातचीत फिर बेनतीजा क्यों?

08 जनवरी 2021

किसानों और सरकार के बीच हुई आठवें दौर की बातचीत भी बेनतीजा ही रही. बात तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अटक गई. सरकार कृषि कानून वापस लेने पर राजी नहीं है और किसान हैं कि उससे कुछ कम उन्हें मंजूर नहीं है.