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शिंदे, ठाकरे गुट की याचिकाओं पर हुई सुनवाई, दोनों खुद को बता रहे शिवसेना

शिंदे, ठाकरे गुट की याचिकाओं पर हुई सुनवाई, दोनों खुद को बता रहे शिवसेना

शिवसेना विवाद में सुनवाई के दौरान ठाकरे गुट ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि दसवीं अनुसूची के मुताबिक बागी गुट के विधायक अपनी सदस्यता तभी बचा सकते हैं जब वो किसी और राजनैतिक दल में अपना विलय कर लें, या फिर नई पार्टी बना लें जबकि शिंदे गुट के वकीलों की दलील थी कि बागी गुट शिवसेना छोड़कर कहीं नहीं गया वो पार्टी में ही हैं. एक ऐसा नेता जो अपनी पार्टी के लोगों का विश्वास खो चुका हो उसे दलबदल कानून का हथियार के तौर पर प्रयोग नहीं करना चाहिए.

The Supreme Court on Wednesday heard the preliminary arguments in the cases relating to dispute between Uddhav Thackeray and Eknath Shinde arising out of the rift within the Shiv Sena political party. Watch this video to know more.

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