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मैं भाग्य हूं... आलस्य है इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन

मैं भाग्य हूं... आलस्य है इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन

मैं भाग्य हूं... मैं कल भी था... मैं आज भी हूं.... और आने वाले अनंत काल तक मैं रहुंगा. इस दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो अपनी बुद्धिमता, ज्ञान और विवेक पर अहंकार करते हैं. मैं तो कहता हूं कि ज्ञान की कोई सीमा ही नहीं है. जितना ही आप ज्ञान हासिल करते रहेंगे. यह उतना ही बढ़ता रहेगा. 

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