scorecardresearch
 
Advertisement

मनुष्य का वश केवल कर्म करने में है

मनुष्य का वश केवल कर्म करने में है

मनुष्य जब अपने सपनों का पीछा करना शुरू करता है तो उसके राह में कई छोटी बड़ी कठिनाइयां आती हैं. लेकिन मनुष्य को परेशान होने की जगह यह सोचना चाहिए कि उसका वश केवल कर्म करने में है.

Advertisement
Advertisement