scorecardresearch
 
Advertisement

ख़बरदार: आजतक ने कोरोना संकट के बीच वेंटीलेटर के कालाबाजारी को किया उजागर

ख़बरदार: आजतक ने कोरोना संकट के बीच वेंटीलेटर के कालाबाजारी को किया उजागर

कोरोना वायरस के खिलाफ इंसान की ज़िंदगी बचाने की आखिरी लड़ाई लड़ने वाला योद्धा होता है वेंटिलेटर. कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों में सबसे कॉमन लक्षण हैं, सांस लेने में तकलीफ होना. 60 साल से अधिक उम्र के मरीजों में हालत और भी नाजुक हो जाती है. यहां सबसे ज्यादा काम आता है मैकेनिकल वेंटिलेटर. ये एक ऐसी मशीन है जो सांस लेने में असमर्थ मरीज़ों की मदद करती है. इस मशीन की मदद से मरीज की सांस लेने की नली में एक ट्यूब डालकर फेफड़ों तक सांस पहुंचाई जाती है. भारत में कोरोना दिनों-दिनों गंभीर होता जा रहा है, जाहिर तौर पर वेंटिलेटर की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ने वाली है. लेकिन इस समय वेंटिलेटर को लेकर कैसे मुनाफाखोर सक्रिय हो गए हैं, आजतक ने इसकी पड़ताल की. नियमों को तोड़कर निजी इस्तेमाल के लिए भी वेंटिलेटर बेचने वालों का खुलासा करने वाली हमारी ये स्पेशल रिपोर्ट देखिए.

Advertisement
Advertisement