scorecardresearch
 
Advertisement

कहानी: जन्मदिन पर लता मंगेशकर के सुरीले नगमे

कहानी: जन्मदिन पर लता मंगेशकर के सुरीले नगमे

75 बरस से सुर साधना के महायज्ञ को जिन्होनें अपनी आवाज़ की समिधा से पवित्र बनाए रखा उस आध्यात्मिक खुशबू का नाम लता मंगेशकर होता है. उनकी आवाज़ ने पीढ़ी दर पीढ़ी पीढ़ियों के दिल में ये अहसास बनाए रखा कि अगर देवत्व की कोई आवाज़ होती तो निश्चित तौर पर वो लता दी जैसी ही होती. ज़िंदगी का सफ़र उन्हें 90 के पड़ाव पर ज़रूर ले आया है लेकिन उनकी आवाज़ अब भी जब कहीं भी गूंजती है हर किसी का दिल हूम हूम कर उठता है. भारत रत्न लता दी को नज़राना है हमारी आज की कहानी.

Advertisement
Advertisement