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हल्ला बोल: बच्चियों से दरिंदगी... तो दे दो फांसी!

हल्ला बोल: बच्चियों से दरिंदगी... तो दे दो फांसी!

सोचिए जो बच्चियां शायद गिनती तक नहीं जानती, उनके शरीर पर अनगिनत घाव. जो बच्चियां रेप का मतलब भी नहीं जानती उनसे गैंगरेप और हत्या. जो बच्चियां अपने मां-बाप आंगन में चहचहाती थीं, उनकी जुबान को पत्थरों से कुचल दिया जाता है. लेकिन इसके बाद भी हम कुछ नहीं कर पाते सिवाय फांसी की मांग और प्रदर्शन के. सबसे बड़ा सवाल ये है कि कब मिलेगी बच्चियों के दरिंदो को फांसी की सजा.

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