इस मंत्र का जाप करने से जल से संबंधी कष्ट का निवारण होता है. इस मंत्र का भाव ये है कि हे प्रभु जिस तरह हमारी नदियों में जल का प्रवाह कम नहीं होता उसी तरह हमारे जीवन में भी इसकी कमी कभी ना हो.