हिमालय पुत्री पार्वती ने जिस दिन शिव की अर्द्धांगिनी होने का आशीर्वाद पाया, उसी दिन से हरतालिका तीज व्रत मनाया जाता है. यह व्रत सुहाग की सलामती के लिए मनाया जाता है. यह व्रत कुंवारी लड़कियां मनचाहा वर पाने के लिए भी करती हैं.