दुर्घटना से बचने के लिए स्थिर मंत्र का प्रयोग किया जाता है. मंत्र इस प्रकार है- यावत कर्म समाप्ति स्यात् तावत् त्वं स्थिरोभव। मंत्र का जाप बुधवार को सायं 5 से 7 बजे के बीच उत्तर की ओर मुखकर तीन बार करें.