इस मंत्र का प्रयोग गर्भ धारण कर रही स्त्रियों के लिए फलदायी है. गर्भस्थ शिशु की रक्षा के लिए इसका पाठ किया जाता है. मंत्र इस प्रकार है- रक्ष रक्ष गणाध्यक्ष: रक्ष त्रैलोक्य नायक:, भक्तनाभयं कर्ता त्राताभव भवार्णवात्.