ज्योतिष के अनुसार, आलस्य का संबंध मुख्य रूप से कुंडली में कमजोर शनि, चंद्रमा, और बृहस्पति ग्रहों से माना जाता है, जबकि राहु भी आलस्य का कारक हो सकता है, खासकर यदि वह लग्न पर दृष्टि डालता हो. इसके अतिरिक्त, कुंडली के तीसरे, छठे और ग्यारहवें भाव के कमजोर होने पर भी आलस्य आता है. जल तत्व (जल राशियाँ) और स्थिर राशियाँ (जैसे सिंह, वृश्चिक, कुंभ, वृषभ) भी आलस्य की संभावना बढ़ा सकती हैं. आइए ज्योतिर्विद शैलेंद्र पांडेय जी से जो लोग आलसी होते है और अपने काम समय से पूरा नहीं करते उनके जीवन में ग्रहों का कैसा प्रभाव पड़ता है.