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क्या है रंगभरी एकादशी? इस दिन कैसे करें भगवान शिव की उपासना?

आज धर्म में बात करेंगे रंगभरी एकादशी के बारे में. रंगभरी एकादशी ऐसी तिथि जो बाबा विश्वनाथ के भक्तों के लिए बेहद विशेष है. ये वो पर्व है जिसे भोले की नगरी काशी में मां पावर्ती के स्वागत के प्रतीक के रुप में मनाया जाता है. ज्योतिष के जानकारों की मानें तो इसी पावन दिन के साथ ही काशी में होली का पर्वकाल शुरू हो जाता है. कहते हैं कि ये दिन शिव की विशेष कृपा पाने का दिन है. इस दिव्य पर्व का एक दूसरा पहलू भी है. ज्योतिष के जानकारों की मानें तो रंग भरी एकादशी पर आंवले के पेड़ की भी उपासना की जाती है. इसलिए इस एकादशी को आमलकी एकादशी भी कहा जाता है. इस वीडियो में देखें आखिर आंवले से रंग भरी एकादशी का संबंध क्या है.

In this episode of Dharam, we will talk about the Rangbhari Ekadashi. According to the astrologers, this auspicious day marks the beginning of Holi in Varanasi. It is said that this is an important day to seek blessings of Lord Shiva. There is another side of Rangbhari Ekadashi. On this day, people offer prayers to Amla (Gooseberry) tree. So, this Ekadashi is also known as Amalaki Ekadashi. Watch the video.

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