संत रविदास की आज 645वीं जयंती है। उत्तर प्रदेश में जब अभी पांच चरण और पंजाब में इकलौते चरण की वोटिंग बाकी है। तब आज संत रविदास की जयंती में राजनेता पहले के मुकाबले और ज्यादा सक्रिय रहे। संत रविदास ने कहा था। मन चंगा तो कठौती में गंगा....राजनीति ने क्या उसी भाव को दलित वोट चंगा तो मुट्ठी में सत्ता की गंगा बना लिया है ? जहां एक तरफ संत रविदास के दिखाए रास्ते पर चलने की बात हर दल, हर नेता की जुबान पर आता है। लेकिन देश के दलित नागरिकों के साथ आज भी समाज में छुआछूत, भेदभाव और अपराध जारी है। तब क्या आज के दिन रविदास मंदिर और रविदास धाम में जाना सिर्फ वोट के लिए दलितों से प्रेम दिखाने वाला एक पर्दा है ?