आपने बहुत सुना होगा- इंसाफ के घर देर है, अंधेर नहीं. आज शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को ड्रग्स मामले में जमानत मिली है. जेल जाने के 25 दिन बाद भी आर्यन खान को जमानत सिर्फ इसलिए नहीं मिली क्योंकि कानूनी पैमाने पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के तर्क कमजोर पड़े. बल्कि जमानत शायद इसलिए भी मिल पाई क्योंकि आर्यन खान के पिता मुकुल रोहतगी, सतीश मानशिंदे जैसे बड़े, अनुभवी और देश के नामी वकीलों की टीम को खड़ा कर पाने में सक्षम थे. बेल इसलिए भी मिल पाई क्योंकि आर्यन का परिवार कानूनी लड़ाई-दांव-पेंच के हर मोर्चे पर खड़े होने की ताकत रखता है. लेकिन फिर भी आर्यन को जमानत पाने में तीन हफ्ते से ज्यादा का वक्त लगा. क्या इंसाफ की डगर इतनी कठिन है ? फिर सोचिए देश में बंद दूसरे लाखों ऐसे आरोपियों के बारे में, जो जमानत के इंतजार में वर्षों अपनी जिंदगी जेल के अंधेरे में बिता दे रहे हैं. जहां जेल ही नियम बना दिया गया और बेल को अपवाद ! देखें 10तक.