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10तक: भयावह स्तर पर पहुंची बेरोजगारी, इस साल कम हुईं 16 लाख नौकरियां

10तक: भयावह स्तर पर पहुंची बेरोजगारी, इस साल कम हुईं 16 लाख नौकरियां

दुनिया के किसी भी आदमी की पहली जरूरत इज्जत की रोटी है. एक समाजवादी लोकतंत्र में सरकारें इसकी गारंटी करती हैं. रोटी का महंगा हो जाना मतलब सीधा असर पेट पर. लेकिन दोहरी मार तब पड़ती है जब रोटी महंगी हो जाती है और इंसान सस्ता. देखें देश की माली हालत. एक रिपोर्ट कहती है कि नौकरी के लिहाज से ये साल बहुत बुरा बीतने वाला है. देखें 10तक.

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