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दंगल: योगी फूल बरसाएं, कांवड़िये लट्ठ बजाएं!

आज सावन की शिवरात्रि है. दुनिया भर में भगवान शिव के भक्त, आज विशेष तौर पर शिव पूजा करते हैं. लेकिन उत्तर भारत में – आज के दिन का इंतज़ार लोग इस लिए भी करते हैं, कि आज के बाद सड़क पर कांवड़ियों का कहर नहीं रहेगा. जी हां, ये बात आपको सुनने में अजीब लग सकती है. हमारा मकसद किसी की आस्था को चोट पहुंचाना नहीं है. लेकिन कांवड़ यात्रा के दौरान, आए दिन देश के अलग अलग हिस्सों से आने वाली भय़ंकर तस्वीरें सोचने पर मजबूर करती हैं कि आस्था के नाम पर आखिर ये ढोंग करने वाले कौन हैं? क्या इनकी हरकतों से, उन लोगों की आस्था को चोट नहीं पहुंचती, जो सही मायनों में भगवान की भक्ति करने के लिए सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल कर शिवलिंग पर जल चढ़ाने जाते हैं.

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