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दंगल: हड़ताल की तपिश में मरीजों की आफत, क्या जान से जरूरी है सियासत?

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की हड़ताल के छह दिन हो गए हैं लेकिन ना डॉक्टर झुकने को तैयार हैं और ना ही ममता उनकी मांगें मानने को तैयार हैं. अब आरोप लग रहे हैं कि ममता एक खास समुदाय के वोट बैंक की खातिर डॉक्टरों की मांग नहीं मान रहीं हैं,  क्योकि 10 जून को एनआरएस अस्पताल में डॉक्टरों से मारपीट करने वाले लोग एक खास समुदाय के थे. इस बीच, गृह मंत्रालय ने ममता सरकार से डॉक्टरों की हड़ताल के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में जारी सियासी हिंसा पर जवाब मांगा है. दंगल में आज चित्रा त्रिपाठी के साथ चर्चा होगी इसी मुद्दे पर, देखिए वीडियो.

Its been six long days since the doctors are on protest in West Bengal and all over the country. Neither the doctors are calling off their protest nor the Mamata Banerjee is ready to accept the demands of the doctors. It is being said that Mamata is not taking any action on the issue just to secure the vote bank of a particular community. On 10th of June, people who did violence with doctors were from a particular community. Meanwhile, Home Ministry asks for answer from Mamata on violence in Bengal and protest of Doctors.

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