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दंगल: क्या महबूबा की बोली का मतलब समझेंगे आतंकी?

रमजान में सरकार ने आतंकियों की बंदूकों को शांत रहने का एक मौका देते हुए सीजफायर का ऐलान किया लेकिन 15 दिन से ज्यादा दिन बीतने के बाद भी हमलों में कमी नहीं आई है बल्कि उनमें और इजाफा हुआ है. आतंकी लगातार सुरक्षाबलों और सरहद पर फौज को निशाना बना रहे हैं लेकिन इतना सब होने के बाद भी सूबे की मुख्यमंत्री कहती हैं कि गोली का जवाब गोली से नहीं बोली से निकलेगा. दंगल में हमारा सवाल है कि आखिर कबतक कश्मीर में आतंकियों से अमन की बात करेंगे. देखें- 'दंगल' का ये पूरा वीडियो.

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