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दंगल: बीजेपी गौरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी को बढ़ावा दे रही है?

ये तस्वीरें नीतिश कुमार के सुशासन वाले बिहार के हाजीपुर की हैं. मसला गौ तस्करों और गौ रक्षकों की भिड़ंत का है. गौरक्षकों ने कुछ लोगों को गाय ले जाते पकड़ लिया. उसके बाद जो हुआ वो आपके सामने है. उन लोगों की पिटाई की गई. धर्म पूछ पूछ कर उन्हें मारा गया. धर्म जानने के लिए कपडे उतरवाए गए. और यहां तक कि जब मामला पुलिस के पास पहुंच गया, तो पुलिस वालों ने भी कहा – यहीं मर जा तू ! यानि जिस देश में सरकारें इस कोशिश में जुटी हैं कि कैसे गौ तस्करी रोकने के लिए कानून हाथ में ले लेने वालों पर लगाम लगाई जाए, वहां पुलिस खुद मौके पर इंसाफ़ कर देने और मौत की सज़ा सुना देने की पैरवी कर रही है. जब गौ रक्षा के नाम पर गुंडागर्दी करने वालों और पुलिस वालों में कोई फर्क ही नहीं रह जाएगा, तो कौन सा कानून इस देश में भीड़ के हाथों होने वाली हत्याओं को रोक लेगा? ये बात सच है कि देश में अगर गौ तस्करी के खिलाफ़ कानून और प्रशासन पहले से सख्त रहे होते तो शायद ऐसी नौबत न आती, लेकिन इस परिस्थिति में भी क्या – चार छह लोगों के हाथ खुलेआम किसी की जान ले लेने को सही ठहराया जा सकता है?

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