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दंगल: एक साथ कई बूथों पर ईवीएम खराब होने का मतलब क्या है?

आज तीन राज्यों की 4 लोकसभा सीटों और नौ राज्यों की दस विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए वोटिंग चल रही है. इनमें से दो लोकसभा सीटें महाराष्ट्र में, एक यूपी में और एक नगालैंड में है. लेकिन सारी लड़ाई घूम फिर कर उत्तर प्रदेश पर आ कर अटक गई है, जहां कैराना से बीजेपी के पूर्व सांसद हुकुम सिंह की बेटी चुनाव लड़ रही हैं. और जिसे बीजेपी के हिंदुत्व की प्रयोगशाला कहा जा रहा है. इसी कैराना में आज सुबह से ही घमासान शुरू हो गया था. बूथ खुलते हैं शिकायतें आने लगीं कि ईवीएम खराब है. आरएलडी ने 170 बूथों पर ईवीएम खराब होने का दावा किया. अखिलेश यादव ने 175 बूथों पर ईवीएम खराब होने का दावा किया. नूरपुर के तीन पोलिंग बूथ पर ईवीएम खराब हुईं. लगभग हर पार्टी ईवीएम खराब होने की शिकायत चुनाव आयोग से की. ऐसे ही महाराष्ट्र में भी 38 ईवीएम मशीन में खराबी पाई गई. खुद चुनाव आयोग ने मान लिया कि 15 परसेंट ईवीएम में खराबी आई थी. उत्तराखंड में तो एक कांग्रेस उम्मीदवार ने यहां तक दावा कर दिया कि उनके नांम का बटन ही नहीं दब रहा था. यानि घूम फिर कर लडाई ईवीएम पर आकर अटक गई. जिस ईवीएम को अभी कर्नाटक में ही ठीक ठाक होने का सर्टीफिकेट मिला था, उसकी इज़्ज़त फिर दांव पर आ गई.कल ही पीएम मोदी ने बागपत की अपनी रैली में इस बात के लिए विपक्ष पर निशाना भी साधा था कि संवैधानिक संस्थाओं को क्यों विवाद में घसीटा जा रहा है. लेकिन आज ईवीएम पर उठे सवालों के बाद ये पूछना ज़रूरी हो जाता है.

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