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चाल चक्र: ज्योतिष में बृहस्पति का स्थान क्या है और क्या है इसका महत्व?

चाल चक्र में आज आपको बताएंगे ज्योतिष में बृहस्पति का स्थान क्या है और क्या इसका महत्व?  नवग्रहों में बृहस्पति को गुरु और मंत्रणा का कारक माना जाता है.  पीला रंग,स्वर्ण,वित्त और कोष,कानून,धर्म,ज्ञान,मंत्र,ब्राहमण और संस्कारों को नियंत्रित करता है.  शरीर में पाचन तंत्र,मेदा और आयु की अवधि को निर्धारित करता है.  पांच तत्वों में आकाश तत्त्व का अधिपति होने के कारण इसका प्रभाव बहुत ही व्यापक और विराट होता है.  महिलाओं के जीवन में विवाह की सम्पूर्ण जिम्मेदारी बृहस्पति से ही तय होती है.

Jupiter is a major planet in the solar system and is next in comparison with the Sun in respect to its size. It takes about 12 years to revolve around the Sun, which in additional words also means that it resides in each zodiac sign for one year almost, according to Gochar. It is reflected to be a teacher or a ‘Guru’ as the name says. Jupiter in any Birth Chart-Horoscope, if located strong by sign placement and house, and in good aspects, makes the person truthful and honest, and offers him ‘Divine Grace’

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