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भारतीय सेना में जाति-धर्म पूछे जाने की परंपरा क्यों? सुधीर चौधरी का ब्लैक एंड वाइट विश्लेषण

भारतीय सेना में जाति-धर्म पूछे जाने की परंपरा क्यों? सुधीर चौधरी का ब्लैक एंड वाइट विश्लेषण

जाति और धर्म का पूछा जाना, ऐतिहासिक रूप से ब्रिटिश हुकूमत के दौर से जुड़ा हुआ है. 1857 की क्रांति के बाद ब्रिटिश सरकार ने सेना में बड़े बदलाव किए थे. उन्होंने भारतीयों की सेना भर्ती के लिए खासतौर पर जाति आधारित व्यवस्था बनाई थी. ब्रिटिश आर्मी के लेफ्टिनेंट जनरल Jonathan Peel की अगुवाई में एक Commision बनाया गया. Jonathan Peel Commision को वफादार और लड़ाकू सैनिकों की भर्ती की जिम्मेदारी दी गई थी. उस वक्त भारतीयों को जाति के आधार पर लड़ाकू और गैर लड़ाकू नस्लों में बांटा गया था. लड़ाकू नस्लों में उत्तर भारत में मौजूद जातियों को प्रमुखता दी गई थी. अधिक जानकारी के लिए देखें सुधीर चौधरी का ब्लैक एंड वाइट विश्लेषण.

The question of caste and religion is historically associated with the era of British rule. After the revolution of 1857, the British government made major changes in the army. Watch this video to know more about the caste trend in India and Indian Army.

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